वीरभूमि झाँसी की आध्यात्मिक धरोहर श्री कुंज बिहारी जू सरकार के दरबार में सजा भव्य फूल बंगला, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब
झांसी। वीरभूमि झाँसी केवल अपनी ऐतिहासिक वीरगाथाओं और रानी लक्ष्मीबाई की शौर्यभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के कारण भी देशभर में विशेष पहचान रखती है। यहाँ के प्राचीन मंदिर, धार्मिक परंपराएँ, संत-महात्माओं की तपस्थली तथा भगवान के प्रति अटूट आस्था झाँसी को आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रतिष्ठित करती हैं। इन्हीं दिव्य धरोहरों में एक अत्यंत पूजनीय एवं ऐतिहासिक मंदिर है श्री कुंज बिहारी जू सरकार मंदिर, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव करते हैं।
लगभग 260 वर्ष पुराना यह प्राचीन मंदिर अपनी धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक वातावरण और अलौकिक महिमा के लिए प्रसिद्ध है। समय के साथ यही स्थान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना का भव्य केंद्र बना और आज यह मंदिर पूरे बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि देश के अनेक राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है।
इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहाँ की पूजा-अर्चना, सेवा व्यवस्था एवं दर्शन की परंपरा वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री बाँके बिहारी मंदिर की परंपरा के अनुरूप संचालित होती है। मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव होता है मानो स्वयं वृंदावन धाम की पावन अनुभूति झाँसी में साकार हो उठी हो। मंदिर का वातावरण निरंतर भजन, संकीर्तन, राधे-राधे के उद्घोष एवं हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान रहता है।
इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज झाँसी नगर विधायक रवि शर्मा के तत्वावधान में मंदिर परिसर में अत्यंत भव्य एवं दिव्य फूल बंगला उत्सव तथा विशाल भंडारे का आयोजन वृहद स्तर पर सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को लाखों सुगंधित एवं रंग-बिरंगे पुष्पों से इस प्रकार सजाया गया कि मानो धरती पर वृंदावन की छटा उतर आई हो। भगवान श्री कुंज बिहारी जू सरकार का मनोहारी श्रृंगार, पुष्पों से निर्मित दिव्य बंगला, आकर्षक सजावट एवं मनमोहक अलंकरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर की ओर उमड़ पड़ा। झाँसी सहित आसपास के जनपदों एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों से हजारों भक्तजन इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होने पहुँचे। मंदिर परिसर "राधे-राधे", "जय-जय श्री कुंज बिहारी", "श्री हरिदास महाराज की जय" तथा "बाँके बिहारी लाल की जय" जैसे जयघोषों से निरंतर गूंजता रहा। भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन की मधुर स्वर लहरियों ने सम्पूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं श्रीधाम वृंदावन की दिव्यता झाँसी की पावन धरती पर अवतरित हो गई हो।
भव्य फूल बंगला के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अनेक भक्तों ने इसे अपने जीवन के अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभवों में से एक बताया। भगवान के दिव्य स्वरूप के समक्ष श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में हर ओर श्रद्धा, भक्ति, प्रेम और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। झाँसी नगर विधायक रवि शर्मा स्वयं पूरे समय उपस्थित रहकर भक्तों की सेवा में समर्पित रहे। उन्होंने अपने कर-कमलों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया तथा प्रत्येक आगंतुक का आत्मीयता एवं विनम्रता के साथ स्वागत किया। सेवा, समर्पण और संस्कार का यह भाव उपस्थित जनसमूह के हृदय को गहराई से स्पर्श कर गया।
भंडारे की सुव्यवस्थित व्यवस्था, स्वच्छता, अनुशासन एवं सेवा-भाव की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, एकता, सद्भाव एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर नगर विधायक रवि शर्मा एवं उनके पुत्र परन शर्मा एवं धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता शर्मा ने सैकड़ों साधु संतों को भोजन कराया एवं उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।
इस अवसर पर झाँसी नगर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि "श्री कुंज बिहारी जू सरकार के चरणों से मेरा और मेरे पूरे परिवार का अटूट आध्यात्मिक संबंध है। उनके श्रीचरणों में सेवा का अवसर प्राप्त होना मेरे जीवन का परम सौभाग्य है। मैं सदैव प्रभु से यही प्रार्थना करता हूँ कि वे समस्त झाँसीवासियों पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें, प्रत्येक परिवार को सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्रदान करें तथा हमारी वीरभूमि झाँसी निरंतर विकास, उन्नति और सांस्कृतिक गौरव के नए आयाम स्थापित करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।"
उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और सनातन परंपराओं को सशक्त बनाने का माध्यम भी हैं। भगवान की सेवा, संतों का सान्निध्य और श्रद्धालुओं की सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और संस्कार की भावना निरंतर सुदृढ़ होती है।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना रहा। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि श्री कुंज बिहारी जू सरकार के प्रति जन-जन की आस्था आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है जितनी सदियों पूर्व थी। फूल बंगला की दिव्य छटा, हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि, भक्तों की अपार श्रद्धा और विशाल भंडारे की सेवा भावना ने इस आयोजन को झाँसी के धार्मिक इतिहास के स्मरणीय आयोजनों में स्थान दिला दिया।
इस अवसर पर एम0एल0सी0 श्रीमती रमा निरंजन, जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, आर0एस0एस0 के क्षेत्र सहकार्यवाहक अनिल , सह प्रांत प्रचारक मुनीस , विभाग प्रचारक मनोज , जिला कार्यवाहक धर्मेन्द्र रिषी, आयुक्त झाँसी मण्डल विमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी गौरव राठी, झाँसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी0बी0जी0टी0एस0 मूर्ति, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, प्रदीप सरावगी पूर्व जिलाध्यक्ष, पार्षद प्रदीप खटीक, लखन कुशवाहा, संजय चड्डा, गोकुल दुबे, अरविन्द खटीक, अरविन्द झां, देवेन्द्र दुबे, मनीष अग्रवाल, संतराम पेंटर, संजीव पाण्डेय एड0, वीरेन्द्र प्रताप सिंह वीरू, वीरेन्द्र ओझा, पंकज दुबे, संतोष साहू व्यापारी, संजय पटवारी व्यापारी नेता, डॉ0 अभिषेक गोस्वामी, आशीष तिवारी, सुजीत तिवारी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे, छोटेलाल वर्मा, मृदुल श्रीवास्तव, तेज सिंह गौर, अन्नू गुप्ता, टिंकल परिहार, प्रेमनगर मण्डल अध्यक्ष निर्मल कुशवाहा, दिलीप पुरी, मोनू शिवहरे सहित सैकड़ों श्रृद्वालु उपस्थित रहे।
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