उ.प्र. व्यापार मंडल की “GST की पाठशाला” में व्यापारियों को मिले जीएसटी के नवीनतम अपडेट
झांसी, 27 जुलाई। व्यापारियों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के नवीनतम प्रावधानों, अनुपालन संबंधी नियमों एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी सरल एवं व्यावहारिक भाषा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उ.प्र. व्यापार मंडल (रजि.) द्वारा “GST की पाठशाला” का आयोजन सोमवार सायं होटल प्रभा, इलाइट चौराहा, झांसी में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, उद्यमियों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सहभागिता कर जीएसटी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उ.प्र. व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष एवं कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री संजय पटवारी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बदलते कर कानूनों की सही एवं समयबद्ध जानकारी प्रत्येक व्यापारी तक पहुँचना आवश्यक है, जिससे व्यवसाय अधिक सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ संचालित हो सके।
मुख्य अतिथि डी.के. सचान, अपर आयुक्त (ग्रेड-1), राज्य कर, झांसी जोन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल एवं व्यापार-अनुकूल बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य कर विभाग व्यापारियों की समस्याओं के समाधान एवं उन्हें बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने व्यापारियों से समय पर रिटर्न दाखिल करने तथा डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का भी आग्रह किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सी.ए. आंचित अग्रवाल ने जीएसटी के नवीनतम संशोधनों, रिटर्न फाइलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), ई-इनवॉइस, ई-वे बिल, विभागीय अनुपालन, नोटिसों से बचाव तथा हाल के महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अनेक व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विषय को सरल बनाया तथा उपस्थित व्यापारियों के प्रश्नों का समाधान किया।
विशिष्ट अतिथि श्री अशोक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, व्यवसायिक प्रकोष्ठ, लोजपा (आर.) एवं कैट बिहार अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम व्यापारियों को बदलते कर कानूनों से समय-समय पर अवगत कराने के साथ-साथ उन्हें नियमों के प्रति सजग एवं आत्मविश्वासी बनाते हैं।
विशिष्ट अतिथि सी.ए. दुष्यंत चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों द्वारा जीएसटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित एवं व्यापार-अनुकूल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है तथा व्यापारियों के लिए अनुपालन पहले की अपेक्षा अधिक सहज एवं सरल हुआ है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सी.ए. विदित सेठ, सी.ए. विशाल अग्रवाल, सी.ए. शिवम अग्रवाल, प्रभु दयाल साहू, संजय चड्ढा, विक्रांत सेठ, कृष्णा राय, धीरज राजपूत, दिनेश टकसाली, संजय गुप्ता, अरविंद गुप्ता, अंकुर बट्टा, अनूप खरे, मयंक परमार्थी, मृत्युंजय तिवारी, दीपक गुप्ता एवं शिवम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं एवं जिज्ञासाओं पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा कार्यक्रम उपरांत हाई-टी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के संयोजन ने विचार व्यक्त करते हुए अपनी समस्याएं से अवगत कराया कुलदीप सिंह दांगी, सी.ए. गौरव गुप्ता, संजय सर्राफ, चितीश अग्रवाल, अभिषेक सोमोनिया, पंकज शुक्ला, डॉ. विवेक बाजपेयी, शानू घोष, के.के. अग्रवाल, कृष्णा राय, संजय चड्ढा, सी.ए. प्रकाश हरियानी एवं समस्त लीगल विंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में उ.प्र. व्यापार मंडल (रजि.) के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
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