पूज्य आर्यिका विशा श्री माताजी के 15 पिच्छी चातुर्मास की मंगल कलश स्थापना 30 को
झांसी। परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 विशा श्री माताजी का बुंदेलखंड के हृदय स्थल झांसी में ससंघ 15 पिच्छी चातुर्मास अतिशय क्षेत्र करगुवां जी स्थित भगवान सांवलिया पार्श्वनाथ जैन मंदिर प्रांगण झांसी में होगा, जिसकी मंगल कलश स्थापना गुरुवार 30 जुलाई को दोपहर 2 बजे पूज्य माताजी के पावन सानिध्य में पूरे भक्तिभाव के साथ श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति एवं सकल जैन समाज के तत्वावधान में होगी। यह जानकारी श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन ने यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। आपने बताया कि इसी क्रम में 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का आयोजन 1अगस्त से माताजी के कोकिल कंठ से होगा। इस प्रकार संयम, स्वाध्याय, तप एवं साधन का यह क्रम चार तक चलने वाले चातुर्मास में पूरी धर्म प्रभावना के साथ बुंदेलखंड के धरा धाम झांसी में होगा, जो झांसी एवं बुंदेलखंड वासियों के लिए सौभाग्य की बात है।
करगुवांजी के मंत्री एडवोकेट शिरोमणि जैन ने बताया कि माताजी की तप एवं साधना युक्त आध्यात्म जीवन के 32 वर्ष पूर्ण हो गये हैं इसलिए गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करगुवांजी में विभिन्न प्रांतों से माताजी के हजारों शिष्य करगुवांजी जी में एकत्रित होंगे, जहां सभी शिष्यगण गुरुमाता का पूजन-अर्चन कर गुणानुवाद करेंगे। गुरु पूजन का यह कार्यक्रम 29 जुलाई को प्रात:8 से प्रारंभ होकर पूरे दिन चलेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष यूथप जैन पिंकी, निर्माण मंत्री भागचंद जैन, चातुर्मास समिति के कोषाध्यक्ष बाहुवलि जैन एवं कार्यक्रम संयोजक विनोद जैन ठेकेदार मौजूद रहे।
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