डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस को 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाने की दी जिम्मेदारी
झांसी: जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान अगस्त-2026 के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए चेतावनी दी कि यदि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजॉल टैबलेट नहीं खिलाई जाती है तो ऐसे विद्यालयों कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान अगस्त 2026 की बैठक में उपस्थित चिकित्सकों एवं विभिन्न विभागीय अधिकारियों से कहा कि सभी प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों को एल्बेंडाजॉल टैबलेट खिलाया जाना अनिवार्य है, उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल एवं कॉलेज में जो दवा खिलाने में लापरवाही अथवा आनाकानी करते हैं उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा की यदि बच्चों को दवा नहीं खिलाई जाती है तो कार्यवाही करते हुए विद्यालय की मान्यता रद्द की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान में 10 अगस्त 2026 से 01 वर्ष से लेकर 19 वर्ष से कम उम्र के किशोरों और किशोरियों एल्बेंडाजाॅल टेबलेट खिलायी जाएगी। जनपद में 10,21,700 बच्चों को दवा खिलाई जाने का लक्ष्य है इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं का समय से वितरण किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दवा स्कूल में ही खिलायी जाए, उनके अभिभावकों को किसी भी दशा में दवाई ना दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री घर-घर जाती है वह भी अभिभावकों को जागरूक करें कि बच्चों को 10 अगस्त 2026 के दिन बच्चों को अवश्य स्कूल भेजें ताकि उन्हें दवाई खिलाई जा सके।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए कि दवा खाने से बच्चों के पेट में जो कीड़े हैं वह मर जाते हैं और बच्चा जो खाना खाता है जिससे उसका शरीर स्वस्थ रहता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में घुमंतु परिवार के बच्चों सहित क्रेशर तथा कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रहे परिवार के बच्चों पर भी फोकस करते हुए, उन्हें दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व के अभियान में जनपद में 95% ही बच्चों को दवा खिलाई गई, परंतु इस वर्ष शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लान के अनुसार ही कार्य करने की नसीहत देते हुए 06 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चे जो स्कूल नहीं जाते हैं उन्हें भी इस अभियान में शामिल करते हुए दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कम बच्चों को दवा खिलाई गई उस क्षेत्र अधिक फोकस करते हुए एमओआईसी स्वयं बच्चों को दवा पिलाई जाना सुनिश्चित करें।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की जिला स्तरीय अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में नोडल अधिकारी डॉ0 उत्सव राज ने बताया कि पूर्व के अभियान में जनपद में 95% बच्चों को दवा खिलाई गई, अब बच्चों को दवा खिलाए जाने के लिए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करते हुए शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा।
डॉ0 उत्सव राज ने बताया कि 01 से 02 वर्ष के बच्चों को आधा गोली खिलाया जाना है, इसके साथ ही 02 से 03 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली पीसकर खिलाई जानी है। इसके अतिरिक्त वर्ष 03 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी गोली चबा-चबा कर खानी होगी तथा इसके उपरांत अधिक से अधिक पानी पीना अनिवार्य है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 शिशिर पुरी, एसीएमओ डॉ0 एन के जैन, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ0 यू एन सिंह, डॉ0 अंशुमान तिवारी, डॉ0 खुशतर हैदर, डॉ जूही गोयल, डीपीआरओ डॉ0 बालगोविन्द श्रीवास्तव, बीएसए सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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