जिला चिकित्सालय झांसी को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन, बुंदेलखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
झांसी: झांसी मंडल के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है कि जिला चिकित्सालय, झांसी को भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) के अंतर्गत 89.01 प्रतिशत अंकों के साथ "Quality Certified" घोषित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल जिला चिकित्सालय, बल्कि संपूर्ण झांसी मंडल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह प्रमाणन मई 2026 में राष्ट्रीय स्तर की बाह्य मूल्यांकन टीम द्वारा किए गए विस्तृत निरीक्षण के उपरांत प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के साथ यह प्रमाणित हुआ है कि जिला चिकित्सालय झांसी राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित गुणवत्ता, सुरक्षा एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर खरा उतरता है।
राष्ट्रीय मूल्यांकन के दौरान फार्मेसी,ओपीडी,ब्लड बैंक,पुरुष वार्ड,पीडियाट्रिक वार्ड,आईसीयू,एडमिनिस्ट्रेशन, रेडियोलॉजिस्ट,इमरजेंसी, ऑक्सिलरी सर्विसेज,आईपीडी
पैड (Paid) ओपीडी कुल 12 विभागों का परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर मंडल आयुक्त, झांसी बिमल कुमार दुबे ने जिला चिकित्सालय की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, अनुशासन, सतत मॉनिटरिंग और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना इसका वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला चिकित्सालय भविष्य में भी इन मानकों को बनाए रखते हुए जनसामान्य को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस उपलब्धि में प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.के. सक्सेना के प्रभावी नेतृत्व, दूरदर्शी रणनीति एवं सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में अस्पताल में गुणवत्ता सुधार की योजनाओं को व्यवस्थित रूप से लागू किया गया, विभागवार मानकों की नियमित समीक्षा की गई तथा सभी आवश्यक सुधार समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किए गए। उनके कुशल समन्वय ने पूरी टीम को एक लक्ष्य के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की पूर्ति सुनिश्चित करने में जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. मनीष खरे, डॉ. एन.के. जैन तथा डॉ. नंदलाल का विशेष योगदान रहा। इन्होंने गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दस्तावेजीकरण, प्रशिक्षण, गैप एनालिसिस, सुधारात्मक कार्यवाहियों तथा आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया का प्रभावी संचालन किया। साथ ही, सभी 12 विभागों के नोडल अधिकारियों, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समस्त कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई।
अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झांसी मंडल डॉ. आर.के. सोनी ने जिला चिकित्सालय की संपूर्ण टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे मंडल के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि मंडल के अन्य चिकित्सालय भी इसी प्रकार गुणवत्ता सुधार की दिशा में कार्य करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करेंगे।
राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन आम नागरिकों के लिए विश्वास और संतोष का विषय है। इसका अर्थ है कि जिस अस्पताल में वे उपचार प्राप्त करने जा रहे हैं, वह रोगी सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं, मानव संसाधन, अभिलेख प्रबंधन, स्वच्छता तथा मरीज-केंद्रित सेवाओं सहित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करता है। इससे मरीजों को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी झाँसी गौरंग राठी ने जिला चिकित्सालय की संपूर्ण टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी जिला चिकित्सालय उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित करता रहेगा।
मंडलीय परियोजना प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आनंद चौबे ने बताया कि क्वालिटी स्टैंडर्ड कार्यक्रम को पूरे मंडल में बहुत प्रभावित तरीके से चलाया जा रहा है अब तक 185 चिकित्सा इकाइयों का सर्टिफिकेशन हो चुका है इनमें ज्यादातर आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिला चिकित्सालय की उपलब्धि बहुत बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धि है।
रिपोर्ट अंकित साहू
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