गोली मारकर हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास
झांसी। दस साल पहले गोली मारकर हत्या के मामले में तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-2, देवाशीष के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय देव शर्मा के अनुसार छनियापुरा निवासी वादिनी मुकदमा श्रीमती विनीता पत्नी स्व० हरीशंकर ने थाना कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि 08 अक्टूबर 2016 को शाम को वह अपने पति हरीशंकर के साथ कोछाभांवर में निमंत्रण पर गोद भराई के प्रोग्राम में शामिल होने गये हुए थे कि शाम को करीब 8 बजे बिजली की रोशनी में हरीबाबू तथा रोहित पुत्र प्रभूदयाल उसके पति को कुछ बात करने के लिए रास्ते के पास ले गये, जहां पर महेश के बड़े भाई प्रभूदयाल व अतर सिंह जो महेश का छोटा भाई है, वहां पहले से खड़े थे। अतर सिंह व हरीबाबू ने गाली देते हुए प्रभूदयाल से कहा गोली से जान से मार दो, बचने न पाये। इस पर प्रभूदयाल ने हरीशंकर को जान से मारने की नियत से सामने से फायर कर दिया, जिसकी गोली हरीशंकर के सीने में लगी और वे गोली लगने से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उसके जेठ मुन्नालाल आदि उसके पति को मेडिकल कॉलेज ले गये, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वादिनी मुकदमा श्रीमती विनीता की लिखित तहरीर के आधार पर अभियुक्तगण हरिबाबू, रोहित, प्रभूदयाल, अतर सिंह के विरूद्ध धारा-302/34 भा०दं०सं० के तहत थाना नवाबाद में मुकदमा पंजीकृत किया गया। प्रकरण में अभियुक्त अतर सिंह से हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल की बरामदगी के उपरांत उसके विरूद्ध धारा-25/27 आयुध अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया गया। उक्त मामले में न्यायालय में सुनवाई उपरांत दोषसिद्ध अभियुक्तगण अतर सिंह, हरीबाबू व रोहित प्रत्येक को दोषी पाते हुए धारा-302 सपठित धारा-34 भा०दं० सं० के अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा एवं 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा अर्थदण्ड न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक -एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।दोषसिद्ध अभियुक्त अतर सिंह को धारा-25/27 आयुध अधिनियम के अपराध के लिए पांच वर्ष के कारावास की सजा एवं 5000 रूपये के अर्थदण्ड , अर्थदण्ड न अदा करने पर छः माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।
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