चोरी के आरोपी को नहीं मिली जेल से रिहाई, जमानत अर्जी खारिज
झांसी। चोरी के जेवरात और नगदी सहित पकड़े आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप (पिंटू) राजपूत ने बताया कि वादिनी मुकदमा श्रीमती सुशीला कुशवाहा ने थाना बरुआसागर में तहरीर देते हुए बताया था कि वह मातवाना बरुआसागर की निवासी है एवं वर्तमान में नगर पालिका परिषद बरुआसागर की अध्यक्ष है। वह अपनी दोनो पुत्रियों के साथ घर पर अकेली रहती है। 19 अप्रैल 2025 को प्रातः करीब पांच बजे जागी और देखा कि घर में सारा सामान बिखरा पडा है, अलमारी के ताले टूटे पड़े है और अलमारी मे रखा हुआ नगदी व जेवरात चोरी हो गया है। सूचना पर आए परिवार के लोगो ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में देखा कि रात्रि में लगभग दो बजे एक नकाबपोश व्यक्ति घर में अवैध तरीके से प्रवेश कर रहा है और लगभग एक घंटे तीस मिनट बाद घर से चोरी किया हुआ सामान थैले में भरकर ले जाता दिख रहा है। चोर ने घर से बारह लाख रूपये नगदी तथा सोने चांदी के जेवरात जिसकी कीमत लगभग दस लाख रूपये है चोरी कर घर से ले गया है।
18 सितंबर 2025 को थाना कुठौंद जिला जालौन की पुलिस द्वारा अभियुक्त को अन्य अभियुक्तों के साथ गिरफ्तार किया था।अभियुक्त धर्मेन्द्र उर्फ लल्ला के पास से एक अदद देशी तमंचा, कारतूस 315 बोर, 84500 रूपये नगद, तीन अदद तोडिया, एक सोने की जंजीर, एक नाक की बाली, एक चांदी का सिक्का, एक सोने का मंगल सूत्र बरामद हुए। उक्त मामले में उरई जेल में बंद अभियुक्त धर्मेन्द्र उर्फ लल्ला पुत्र गनेशी निवासी मेहरा थाना विंवार जिला हमीरपुर उ. प्र. की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई उपरांत न्यायालय ने माना कि अभियुक्त एक अभ्यस्तः चोर प्रतीत होता है। अभियुक्त के पास से वादिनी के घर से चोरी किया गया हुआ रूपया व जेवरात बरामद हुए है। अभियुक्त को यदि जमानत पर रिहा किया गया तो वह पुनः चोरी के अपराध में संलिप्त हो सकता है, जिसके चलते न्यायालय द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया।
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