इच्छाओं पर नियंत्रण रखने से बढ़ेगा आत्मबल :विशाश्री माताजी
झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के दसवें दिन बुधवार को देते हुए गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि सभी मनुष्यों के पास तन, मन और धन रुपी तीन प्रकार के बल हैं इसलिए स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए। भगवान की भक्ति करने में तो लोग कहते हैं हमारी शक्ति नहीं जो हम भक्ति कर सकें इसलिए आराम से बैठकर दुकान चला रहा हूं पर वही समाज में जब एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा होती है तो स्वयं को कहते हैं कि हमें कम मत आंकना, हम किसी से कम हैं क्या ? उन्होंने कहा कि पंचम काल में अनंत जीवों के पास मन नहीं लेकिन पांच इंद्रियों वाला मनुष्य सौभाग्य शाली है जो उसके पास तन,मन और धन यह सभी हैं। जिसके भीतर भक्ति नहीं उमड़ती वह काम काज में लगा रहता है और जिसके भीतर भक्ति उमड़ती है वह काया शुद्धि कर मंदिर आता है, गुरुओं के पास आकर सत्संग में बैठता जिससे उसका आत्मबल बढ़ता है और बढ़े हुये आत्मबल की बदौलत ही वह मोक्ष पथ पर चल निकलता है।उन्होंने कहा कि आप अपनी शक्ति न छिपायें बल्कि इच्छाओं पर नियंत्रण करें तभी आत्मबल बढ़ेगा। उन्होंने चींटी का उदाहरण देते हुए कहा कि चींटी के पास तो नाम मात्र तन बल हैं फिर भी वह पूरे ब्रह्मांड में अपने काम करते हुये विचरण करती है।
दसवें दिवस के पुण्यार्जक
श्रीमती डा.निकिता डा.संदीप जैन,दर्शन, दिव्यांश एवं श्रीमती गुणमाला अनिल जैन,अजय जैन ,अतुल जैन बंटी,डा.अनीष, श्रीमती बबीता, सीमा,नीतू, डा.पूजा जैन सन्मति हास्पिटल परिवार रहे, जिन्होंने पं.दीपक कुमार जैन करैरा के संचालन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कर अर्घ समर्पित किये।संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन एवं करगुवांजी मंत्री शिरोमणि जैन ने किया।अंत में चातुर्मास समिति के कोषाध्यक्ष बाहुबलि जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर श्रीमती रानी भागचंद जैन निर्माण मंत्री, डा.अभय जैन, श्रीमती हेमा डा.अमित जैन , रानू जैन,चौधरी जितेंद्र जैन तालबेहट,श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन, रवीन्द्र जैन,डा.राजीव जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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