भक्त के जीवन को भगवंत बना देती है भक्ति:विशाश्री माताजी
झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के चौदहवें दिन रविवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि भक्ति भक्त के जीवन को भगवंत बनाती है। आज वही लोग जाग रहे हैं जिन्होंने स्वाध्याय के माध्यम से बार बार भक्ति की है। उन्होंने कहा कि भक्ति के माध्यम से पंचम काल में दुर्गति में जाने से आज भी बच सकते हैं।
बारहवें दिवस रविवार के प्रथम पुण्यार्जक श्रीमती शीला जैन,निलय सरिता जैन, प्रबुद्ध सपना जैन, कमल रचना जैन एवं समस्त लोकपथ परिवार, राजमल जैन, संजय,सोनू, सोनल, अर्हम ,बाबू अहमदाबाद आर्यिका सौम्यश्री माताजी के गृहस्थ जीवन के परिवार जन एवं दिलीप जैन,रेनू, णमोकार एवं समस्त परिजन अहमदाबाद रहे,जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया एवं माताजी को शास्त्र भेंटकर समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये, तदुपरांत बाहर से आये पुण्यार्जक परिवार का कमेटी पदाधिकारियों ने पगड़ी माला एवं शाल उड़ाकर अभिनंदन किया। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन एवं करगुवांजी मंत्री शिरोमणि जैन ने किया।अंत में विनोद जैन ठेकेदार ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर इं बालचंद्र जैन, राजीव जैन अहिंसा,डा.जिनेंद्र कुमार जैन, विकास जैन, केतन जैन,अशोक जैन जैनिथ, एड.अनूप जैन,रानू जैन कटरा, दीपक जैन मगरपुर, प्रीति शिरोमणि जैन, श्रीमती रानी जैन, सरोज जैन,अनिता जैन, बाहुबलि जैन, राजकुमार जैन बाबा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
*माताजी के सानिध्य में हुआ ध्वजारोहण*
अतिशय जैन तीर्थ क्षेत्र करगुवांजी में चातुर्मास में लीन गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी (15पिच्छी) ससंघ के पावन सानिध्य में करगुवांजी मंत्री एडवोकेट शिरोमणि जैन ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर सकल जैन समाज, चातुर्मास समिति एवं दिगम्बर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में साधक मौजूद रहे।
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