सहारिया समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- डीएम
झांसी: सहारिया समुदाय के बच्चों एवं परिवारों के समग्र विकास एवं शासकीय योजनाओं से प्रभावी जुड़ाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज विकास भवन सभागार में सहारिया समुदाय के बच्चों एवं परिवारों के समग्र विकास तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहारिया समुदाय के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहारिया समुदाय के पात्र परिवारों एवं बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें शासन की सभी पात्र योजनाओं से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों तक पहुंच बनाएं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सहारिया समुदाय के बच्चों एवं परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण एवं अनुश्रवण करते हुए प्रगति सुनिश्चित करें। एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला में विशेष आमंत्रित आईजी श्री आकाश कुलहरि ने सहारिया समुदाय के समग्र विकास को गति देने के लिए सुझाव दिया कि ऐसे क्षमतावान बच्चों को चिह्नित कर उन्हें आदर्श बनाकर समाज के अन्य बच्चों के सामने प्रस्तुत किया जाये ताकि अन्य बच्चे भी अनुसरण कर स्वयं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ सके। एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मुख्य बिंदु पर फोकस किया, उन्होंने बताया विकासखण्ड बबीना के लगभग 20 गांव का सर्वे किया गया जो सहारिया समुदाय बाहुल्य हैं। सर्वे के दौरान उन्होंने शिक्षा,रोजगार, पलायन के अतिरिक्त शासन द्वारा संचालित योजनाओं में लाभ प्राप्त कर रहे लाभार्थियों की जानकारी दी। सीडीओ ने सहारा समुदाय के विकास एवं मुख्यधारा में शामिल करने के लिए कार्ययोजना बनाते हुए पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ा जाए। उन्होंने पलायन पर प्रभावी रोक हेतु उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसके अतिरिक्त सभी पात्र परिवारों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए उनको पेंशन, राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत बनाते हुए लाभान्वित किया जाए।
एक दिवसीय अंतर्विभागी कार्यशाला में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी खण्ड विकास अधिकारी बबीना द्वारा गूगल सीट पर डेस्कबोर्ड बनाया गया, जिसमें सहारिया परिवार के सदस्यों को 19 लाभों में कितने लाभ प्राप्त हो रहे हैं, इसे देखा जा सकता है।
एक दिवसीय कार्यशाला में संजय सिंह परमार्थ समाजसेवी संस्थान ने सहारिया समुदाय के बच्चों एवं परिवारों के समग्र विकास के लिए तैयार कार्य योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए शिक्षा संस्कार केंद्र की जानकारी दी।इसके अतिरिक्त उन्होंने सबल एवं कवच परियोजनाओं के बारे में भी विस्तृत रूप से सदन को बताया।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, एएसपी अरीवा नोमान, डीडीओ राजेश कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती ललिता यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गौड़ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सहारिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए।
रिपोर्ट अंकित साहू
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