इथियोपिया के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने टहरौली में एक्रिसेट के जल एवं भूमि प्रबंधन कार्यों का किया अध्ययन

टहरौली झांसी : इथियोपिया के Water and Land Resources Centre (WLRC), अदीस अबाबा के महानिदेशक डॉ. जेलेके गेटे के नेतृत्व में एक
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने झांसी जिले की टहरौली तहसील में ICRISAT द्वारा किए गये एकीकृत जल, भूमि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में WLRC के पांच निदेशक, डॉ. बेहाइलु बेरेहानु, डॉ. अदेय निगातु, डॉ. योनास तीसफा, डॉ. तिबेबु कासॉ तथा डॉ. देसालेग्न अमलाकु शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल के साथ इथियोपिया में ICRISAT के कंट्री रिप्रेजेंटेटिव डॉ. गिजॉ डेस्टा भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने टहरौली तहसील के 40 गांवों में लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में ICRISAT द्वारा किए गए विभिन्न वैज्ञानिक एवं विकासात्मक कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य Land Resource Inventory (LRI) एवं हाइड्रोलॉजी आधारित वैज्ञानिक योजना के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल संकट के समाधान की प्रक्रिया को समझना था। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से परियोजना के सफल क्रियान्वयन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और जनसहयोग की भूमिका का भी अध्ययन किया।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नोटा गांव के सामुदायिक तालाब का निरीक्षण किया तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय किसानों से संवाद किया। इसके अलावा टीम ने भगोरा गांव में अमरूद आधारित कृषिवानिकी मॉडल, गुंदाहा तथा भदौखर गांव में हवेली प्रणाली का भी अवलोकन किया। वैज्ञानिक मॉनिटरिंग के लिए स्थापित आधुनिक उपकरणों, जैसे TDR और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS), की कार्यप्रणाली से भी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने Progressive Bundelkhand Farmer Producer Company Ltd. के निदेशकों और प्रवर्तकों से भी मुलाकात की। इस दौरान किसानों को संगठित कर बाजार से जोड़ने, गुणवत्तापूर्ण एवं शुद्ध बीजों की उपलब्धता तथा किसानों की आय बढ़ाने में FPO की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। ICRISAT की ओर से डॉ. रमेश सिंह, GRPD, डॉ. मुकेश गौतम  (सलाहकार) और श्री आर.के. उत्तम (सलाहाकार) ने परियोजना के अंतर्गत किए गए विभिन्न प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों एवं उनके प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. अशोक शुक्ला (सहायक वैज्ञानिक) ने परियोजना के विभिन्न वैज्ञानिक कार्यों तथा परियोजना के अंतर्गत एकत्र किए जा रहे वैज्ञानिक आंकड़ों और उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. जयश्री ने क्षेत्र में विकसित विभिन्न कृषिवानिकी मॉडलों की जानकारी दी, जबकि  विशाल सिंह ने किसानों को बाजार से जोड़ने तथा शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में FPO की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस दौरान ई. दीपक त्रिपाठी, सुनील निरंजन, शिशुवेंद्र कुमार, शैलेंद्र सोनी सहित ICRISAT के अन्य फील्ड स्टाफ तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन समिति और FPO के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अपने दौरे के दौरान इथियोपियाई प्रतिनिधिमंडल ने ICRISAT के झांसी परियोजना कार्यालय का भी भ्रमण किया और ICRISAT टीम के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा की। इस बैठक में डॉ. के.एच. अनंथा और  कृष्ण कुमार कौशल सहित अन्य वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने भी भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से इथियोपिया में जल, भूमि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में संयुक्त परियोजना प्रस्ताव विकसित करने की संभावनाओं को बल मिलेगा। यदि WLRC और ICRISAT के बीच सहयोग विकसित होता है, तो तहरौली की तर्ज पर इथियोपिया में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं सहभागी लैंडस्केप विकास मॉडल तैयार और क्रियान्वित किया जा सकता है। इस सहयोग से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, भूमि सुधार, कृषि उत्पादकता और समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।
प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा भारत और इथियोपिया के बीच जल, भूमि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। टहरौली में विकसित वैज्ञानिक एवं सहभागी जलग्रहण प्रबंधन मॉडल से प्राप्त अनुभव भविष्य में इथियोपिया सहित अन्य सूखा एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में जल संकट और भूमि क्षरण की समस्याओं के समाधान में उपयोगी हो सकते हैं।
इस मौके पर रामेश्वर शर्मा बकायन, शंभू पटेल प्रधान नोटा, गौरी शंकर सिरवैया, रामप्रकाश पटेल, पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला, आशीष उपाध्याय, राष्ट्रपाल सिंह यादव, हरिओम पटेल, संजीव बिरथरे, घनश्यामदास यादव, प्रहलाद पटेल, दीनदयाल पटेल, पिंटू वर्मा, शैलेन्द्र सोनी आदि उपस्थित रहे।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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