करगुवांजी में धूमधाम से मनाया गया श्रेयांश नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक, भक्ति के माध्यम से हृदय में वात्सल्य भाव जगायें : विशाश्री माताजी

झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के छब्बीसवें दिन शुक्रवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी के पावन सानिध्य में जैन श्रद्धालुओं ने रक्षाबंधन महापर्व एवं भगवान श्रेयांशनाथ का मोक्ष कल्याणक (निर्वाण लाडू) महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। रक्षाबंधन प्रतियोगिता एवं लाडू सजाओ प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को कमेटी पदाधिकारियों ने पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर मंगल देशना देते हुए गतिशील आर्यिका 105विशा श्री माताजी ने कहा कि आज का दिन हर्ष और उल्लास के साथ खुशियां मनाने का दिन है। आज ही के दिन 65 लाख वर्ष पूर्व 11वें तीर्थंकर श्रेयांशनाथ (विष्णु कुमार) सिद्धस्थ को प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा कि एक बार जब वे अपनी साधना में लीन थे तब सात सौ महामुनियों पर आये संकट की खातिर उन्होंने को अपनी साधना त्यागकर उनकी रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि आज हम में से कोई विष्णु कुमार भले ही न बन पाये पर साधना ऐसी करो कि रोम रोम में वात्सल्य प्रकट हो और हम सभी प्राणी मात्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
 
 इससे पूर्व शुक्रवार के पुण्यार्जक देवेंद्र कुमार विमलेश जैन,विकास दीप्ति जैन(रुपा हौजरी),कु.नित्या जैन, नैतिक जैन एवं समस्त सिंघई परिवार ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया,माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया एवं समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत के महामंत्री कमल‌ जैन लोकपथ जैन ने किया।अंत में विनोद जैन ठेकेदार ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर विकास अधिकारी अनुराग जैन, सुनील मोदी, डा.जिनेंद्र कुमार जैन,गौरव जैन नीम,रचना कमल जैन,प्रीति शिरोमणि जैन, रानी बाग चंद्र जैन, अशोक जैनिथ,विकास जैन रानू आदि मौजूद रहे।

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