कलियुग में रामायण ही राम है: जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य

धर्म की रक्षा के साथ सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं संत  
 
झांसी। केशवपुर धाम में आयोजित रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रही संगीतमय श्रीरामकथा के चतुर्थ दिवस चित्रकूटधाम से पधारे श्रीराम कथा के श्रेष्ठ वक्ता कामदगिरि पीठाधीश्वर जगतगुरु रामस्वरुपाचार्य
 ने धर्म और संविधान में भेद और कौन महत्वपूर्ण  है यह बताते हुए कहा कि संविधान कहता है कि मेरे अनुसार चलिये, उल्लंघन करने पर सजा देंगे लेकिन सजा जब मिलेगी जब कोई अपराध करेगा किंतु धर्म तो अपराधी को अपराध‌ करने से पहले ही रोक देता है जोज्ञनहीं मानेगा उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी। इसलिये हमारे रोम रोम में धर्म होना चाहिए। हमारा आचरण धर्म मय होगा तो अपराध करने से बच जायेंगे। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा हो इस हेतु  सतत प्रयास होना चाहिए। भगवान ने राम, कृष्ण अथवा जो भी अवतार  लिए हैं वह धर्म की रक्षा के लिए ही लिये हैं। वेद अनुसार "परित्रायाणां साधूनां विनाशाय चतुष्कृताम्" अर्थात इस धरा धाम पर धर्म की रक्षा का दायित्व प्रभु ने संतों को दिया है। इसलिए संत धर्म की रक्षा के साथ साथ समाज के लोगों को भी सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।प्रभु राम की बाल‌ लीलाओं का रसास्वादन कराते हुए उन्होंने कहा कि रामअवतार में प्रभु ने मातृ,पितृ और गुरु भक्ति का अनुपम संदेश दिया है। मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं "प्रातःकाल उठकर रघुनाथा।माता पिता गुरु नाबहिं माथा।।" उन्होंने आम जनमानस को ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह देते हुए धर्म मय आचरण अपनाने पर बल दिया और कहा कि जो नित्य अपने माता पिता की सेवा करते हैं वे सदैव सुखी रहते हैं। वे कहते हैं कि कलियुग में तो रामायण ही राम है। क्योंकि जहां धर्म है वहां विरोध समाप्त हो जाता है और जहां अधर्म है वहीं अभिमान है, झगड़ा है, संघर्ष है,विनाश है। कथा के प्रारंभ में पं. बृजमोहन मिश्रा (गुरुजी )ने चरण पूजन, पीठ पूजन एवं ग्रंथ का पूजन कर मानस की आरती उतारी एवं कथा व्यास का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।मंच का संचालन पं अनूप शास्त्री ने किया।
प्रातः कालीन वेला में पंचकुंडीय श्रीसीताराम महायज्ञ में यज्ञाचार्य हेमंत कौशिक हरपालपुर के आचार्यत्व में विश्व-कल्याण की कामना से श्रीमती शालिनी एकांश मिश्रा, उर्मिला महेश कुमार साहू, प्रियंका सचिन साहू,सरिता अनूप सहगल, साधना आमोद किलपन, प्रगति अमित गंधी, उमा विनोद साहू बालाजी, मोहिनी सत्येंद्र सेन ग्वालियर, मधु राघवेन्द्र सेन खनियांधाना, मनीषा राहुल सोनी,खुशबू नितिन साहू,रिंकी राजू साहू, स्वाति प्रिंस अग्रवाल, जयंती राजकुमार साहू,प्रियंका राहुल शर्मा,पुष्पा दयाशंकर,राधा आशीष यादव, सीमा प्रदीप अग्रवाल, कल्पना पुष्पेन्द्र सेन एवं रीना अजय अग्रवाल, श्रीमती साधना मिश्रा सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ वेदिका में आहुतियां देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इधर मंदिर परिसर में श्री रामचरितमानस, सीताराम संकीर्तन एवं अखंड श्री हनुमान चालीसा का पाठ अनवरत जारी रहा।आयोजन समिति  के संरक्षक रामस्वरूप साहू एवं मेला प्रभारी राजकुमार साहू ने बताया कि साधु संतों एवं यजमानों को फलाहार एवं आम जनमानस को भण्डारा प्रसादी की व्यवस्था की गयी है जो प्रातः 11बजे से शुरू होकर रात्रि 11अनवरत जारी रहा।इस मौके पर, सुरेशचंद्र  शुक्ला,प्रदीप  कुमार शुक्ला, बृजेश नारायण अगरिया, राजेश कुमार शर्मा, राघव‌ किलपन, संजय कंचन, सनी साहू, भगवानदास सैन, मनोज मिश्रा, मानवेन्द्र तोमर,विजय शंकर त्रिपाठी दतिया, जैमिनी यादव आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।अंत में बैकुंठ प्रसाद चतुर्वेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
 
बाक्स में
केशवपुर धाम में आज
केशवपुर धाम रजत जयंती महोत्सव के तहत शनिवार 29 अगस्त को सायंकालीन वेला में रात्रि 8 बजे से ख्याल गायन एवं लोक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।

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