चिन्मय मिशन झाँसी द्वारा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव

झाँसी। चिन्मय मिशन झाँसी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आनंद के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साधकों, बच्चों एवं परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ कान्हा एवं गोपी के रूप में सजे बच्चों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात चिन्मय मिशन झाँसी के सचिव ई. मुकेश गुप्ता द्वारा उपस्थित अतिथियों एवं साधकों का औपचारिक स्वागत किया गया एवं भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य के सानिध्य में  एस पी गुप्ता एवं  आर के धवन जी द्वारा किया गया। साथ साथ साधकों द्वारा  श्रीकृष्ण के 108 नामों द्वारा अर्चना की गई। भक्तिमय वातावरण में साधकों ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण अर्पित किया।
कार्यक्रम में चिन्मय बाल विहार के बच्चों द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुति ने जन्माष्टमी समारोह में विशेष उत्साह एवं आनंद का वातावरण बनाया।
इस अवसर पर सचिव ई. मुकेश गुप्ता ने आगामी चिन्मय अमृत महोत्सव, भारत मंडपम, नई दिल्ली के संबंध में जानकारी देते हुए साधकों को कार्यक्रम में सहभागिता एवं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से अवगत कराया।
इसके पश्चात श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 15, पुरुषोत्तम योग का सामूहिक गायन किया गया।  हरीश अग्रवाल  के संचालन में साधकों ने एक स्वर में गीता के श्लोकों का गायन कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इसके बाद चिन्मय साधकों द्वारा भजन प्रस्तुति दी गई। भक्तिमय भजनों के माध्यम से उपस्थित सभी साधक भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाव-विभोर हो गए।
कार्यक्रम के अगले चरण में आचार्य उद्बोधन में ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि मनुष्य जीवन में कर्म, कर्तव्य, विवेक और साधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान चिन्मय मिशन के आगामी श्री गणेश चतुर्थी समारोह की जानकारी भी दी गई तथा साधकों से द्वारा गुरु के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता की भावना से गुरु दक्षिणा अर्पित की गई। कार्यक्रम संयोजकों  आर पी गुप्ता, नूपुर श्रीवास्तव एवं मेघना गुप्ता द्वारा सभी उपस्थित साधकों एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
चिन्मय मिशन झाँसी के सचिव ई. मुकेश गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी साधकों, बाल विहार के बच्चों, अभिभावकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा बताया कि “जन्माष्टमी केवल श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि दिव्य गीता के ज्ञान को अपने जीवन में उतारने का अवसर है। श्रीकृष्ण का संदेश आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है और हमें कर्म करते हुए समत्व, विवेक एवं आत्मज्ञान की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।”

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