पुष्पों की तरह समाज में सुगंध बिखेरें:विशाश्री माताजी
झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के इकतालीसवें दिन शनिवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि पुष्पों की तरह महकते हुए स्वयं को पुरुषार्थ रुपी सुगंध से भर कर समाज के लोगों तक अपनी खुशबू उसी तरह बिखेरें जिस प्रकार भगवान के चरणों में समर्पित किया हुआ पुष्प सुगंध एवं शीतलता बिखेरता है। इससे पूर्व शनिवार के पुण्यार्जक जितेंद्र कुमार जैन,संध्या जैन, हर्ष जैन ताशू जैन एवं देवेश जैन महावीर स्टील परिवार झांसी रहे, जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया, माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन कर पं दीपक जैन करैरा के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये।
तदुपरांत पुण्यार्जक परिवारों एवं पं दीपक जैन करैरा को शाल,माला एवं पगड़ी पहनाकर दिगम्बर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया। तदुपरांत रायसेन जिले से पधारी विभा श्री माताजी की शिष्या ब्रह्मचारिणी अंगूरी दीदी की गोद भराई सकल जैन समाज द्वारा हर्षोल्लास से की गयी तथा उन्हें ब्रह्मचारी जीवन के समस्त उपकरण भेंट किये और उनका शुभाशीष प्राप्त किया।संचालन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन लोकपथ एवं करगुवांजी मंत्री एड.शिरोमणी जैन ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर श्रीमती रानी भागचंद जैन, श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन, नरेन्द्र जैन, नारायण बाग, शशांक जैन एवं सुरेंद्र जैन देवेंद्र नगर मौजूद रहे।
अंत में विधि सलाहकार अशोक जैन ने सभी का आभार व्यकत किया।
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