पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में किसानों को जागरूक करने हेतु किसान रथ होगा रवाना
झांसी: विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस की जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अध्यक्षता करते हुए सर्वप्रथम जनपद में फसल क्षति के सर्वे से संबंधित जानकारियां ली, इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित किसानों को खेत में आग न लगाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जनपद में अतिवर्षा की दृष्टिगत निर्देश दिए कि सभी अधिकारी किसानों की शिकायतों और उनकी समस्याओं को संवेदनशील होकर सुनते हुए तुरंत निस्तारण करें, किसान दिवस शासन स्तर पर बेहद संवेदनशील एवं अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपस्थित किसानों के मध्य कहा कि किसान इस अवसर पर अधिक से अधिक खेती किसानी में आ रहीं समस्याओं को बताएं ताकि समस्याओं का निस्तारण किया जा सके और किसान दिवस की सार्थकता सिद्ध हो। जिलाधिकारी ने कहा कि किसान दिवस में किसानों द्वारा दी गई शिकायतों/ समस्याओं का शत प्रतिशत निस्तारण हो, उसके लिए संबंधित अधिकारी किसान बैठक में अवश्य उपस्थित रहे, अन्यथा कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती किसानी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना और समस्याओं को संवेदनशील होकर तत्काल निस्तारण किया जाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजस्य बनाते हुए किसानों को अधिक से अधिक विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए खेती को कैसे लाभदायक बनाया जाय, उनके उत्पादन को कैसे बढ़ाया जाए, कैसे उन्हें उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाया जा सके पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। किसान दिवस पर आयोजित किसान बैठक में किसानों द्वारा मूंगफली,उर्द में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बीमा कंपनी से संबंधित शिकायत की, डीएम ने एक्शन लेते हुए बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द न्याय पंचायत स्तर पर कैंप आयोजित करते हुए बीमित किसानों को बीमा पालसी दिये जाने के संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अंश की अनुसार ही फसल बीमा प्रीमियम काटा जाए ताकि फसल क्षति पर क्लेम प्राप्त करने में समस्या न हो। उन्होंने उपस्थित किसानों को सुझाव दिया कि बीमा क्लेम की जानकारी कृषि अधिकारियों को भी उपलब्ध कराएं, ताकि क्लेम न मिलने पर समीक्षा की जा सके। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रिजीइयू योजनांतर्गत (फसल अवशेष प्रबंधन) जनपद स्तरीय कार्यक्रम में किसानों को पराली न जलाए जाने हेतु जागरूक किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को चरितार्थ करती महिला किसान एवं अन्य कृषकों से अपील करते हुए कहा कि खेत में आग न लगाएं। कृषि अवशेष घरों का कूड़ा खेत में किसी भी दशा में न जलाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि पराली प्रबंधन से किसानों की आय को बढ़ाया जाए और इसे मूर्त रूप देने के लिए किसानों को निशुल्क वेस्ट डी कंपोजर कैप्सूल वितरित किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसान इसका उपयोग करें और पराली कृषि अवशेष को खाद बनाते हुए अपने फसल उत्पादन को बढ़ावा दें। उन्होंने विशेष रूप से विकास खंड मोट और बड़ा गाँव तथा चिरगांव के किसानों को जागरूक करने पर बल देते हुए कहा कि खेत में आग लगाने से अथवा कृषि अवशेष को जलाने से जहां एक ओर वायुमंडल दूषित होता है वहीं खेत के मित्र कीट भी मृत होते हैं, साथ ही मृदा के पोषण तत्वों की भी क्षति होती है जिस कारण पैदावार में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अभिकरण के अदेशानुसार फसल अवशेष जलाया जाना एक दण्डनीय अपराध है तथा पर्यावरण विभाग के निर्देशानुसार 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिये रु 2500/-, 02 से 05 एकड क्षेत्र के लिये रु 5000/-एवं 05 एकड़ से अधिक के लिये रु 15000/- तक पर्यावरण कम्पन्सेशन की वसूली का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद में पराली की घटना पाये जाने पर सम्बन्धित को दण्डित करने के सम्बन्ध में राजस्व अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय हरित अभिकरण अधिनियम की धारा 24 के अन्तर्गत क्षति पूर्ति की वसूली एवं धारा-26 के अन्तर्गत उल्लघंन की पुनरावृत्ति होने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कारावास एवं अर्थ दण्ड लगाये जाने का प्राविधान है।
इस अवसर पर किसान नेता महेंद्र शर्मा, किसान नेता कमलेश लंबरदार, राजेश कुमार बिरगुंआ, सुरेंद्र पुरातिनी सहित अन्य किसानों ने भी अपनी समस्याओं को रखा और अधिकारियों से समय से उनका निस्तारण कराए जाने की मांग की।
किसान दिवस के मौके पर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने किसानों और अधिकारियों के साथ प्रतिभाग किया। आयोजित किसान दिवस का संचालन जिला कृषि अधिकारी ने किया।बैठक में पराली प्रबंधन हेतु डॉ0 विमल राज,डॉ0 निशि राय,डाॅ0 केवी मजूमदार वैज्ञानिक, सचिव मंडी बबलू कुमार, संजय कुमार अवर अभियंता,विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, लल्ला सिंह, अनिल कुमार,राजकुमार राजपूत,शरद शर्मा राजेश कुमार सहित लघु सिंचाई,उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, बीमा कंपनी व अन्य विभागीय अधिकारी तथा किसान गण उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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