डीएम ने हथौड़ा मारकर परखी निर्माण कार्य की गुणवत्ता,डुमरई में निर्माणाधीन राजकीय हाईस्कूल भवन का किया निरीक्षण

झांसी: जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकासखण्ड बामौर के ग्राम डुमरई में समग्र शिक्षा के अन्तर्गत निर्माणाधीन राजकीय हाईस्कूल भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपी सिडको द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का विस्तृत जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना की स्वीकृत लागत ₹132.77 लाख है तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। भवन में कक्षा-कक्ष, विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट क्राफ्ट कक्ष, प्रधानाचार्य कक्ष, कार्यालय, कम्प्यूटर लैब एवं टॉयलेट ब्लॉक आदि का निर्माण कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मौके पर बारीकी से परीक्षण किया गया। उन्होंने स्वयं हथौड़े के माध्यम से दीवारों की गुणवत्ता का परीक्षण किया। एक कक्षा-कक्ष की दीवार के कुछ हिस्से की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया संतोषजनक न पाए जाने तथा एक बीम से सरिया निकला होने एवं भवन के ऊपरी हिस्से की कास्टिंग में कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल  आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कक्षा-कक्षों में लगी खिड़कियों एवं जालियों की भी स्वयं जांच की,जाली की मोटाई डीपीआर के अनुरूप पाई गई, लेकिन उसकी फिक्सिंग एवं बेल्डिंग में फिनिशिंग न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उक्त कार्य बेहतर ढंग से कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में दोयमदर्जे की गुणवत्ता को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी गौरांग राठी ने राजकीय हाईस्कूल भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए टॉयलेट ब्लॉक को देखा जिसमें प्रयुक्त कुछ ईंटों की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए मानकविहीन सामग्री का प्रयोग न करने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण सामग्री सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण में भवन के एक कक्ष की दीवार में नमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने भवन को नमी से सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने तथा छत पर ब्रिक कोबा के माध्यम से वॉटरप्रूफिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
मौके पर जिलाधिकारी ने विद्यालय भवन एवं परिसर की सुरक्षा के दृष्टिगत चहारदीवारी के संबंध में जानकारी ली, प्रोजेक्ट मैनेजर ने अवगत कराया गया कि स्वीकृत परियोजना में चहारदीवारी का प्रावधान नहीं है। जिलाधिकारी ने विद्यालय की भूमि की सुरक्षा को आवश्यक बताते हुए निर्धारित प्रावधानों के अन्तर्गत ग्राम निधि से नियमानुसार तार फेंसिंग कराए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी कमियों को तत्काल दूर कराते हुए निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की निरंतर निगरानी एवं गुणवत्ता का परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान उप जिला अधिकारी सुनील कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक,  श्रीमती रती वर्मा, यूपी सिडको के प्रोजेक्ट मैनेजर रजनीश कुमार श्रीवास्तव, सहायक अभियंता सौरभ पिपरैया सहित स्थानीय ग्रामीण जन एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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