लाखों रुपए हड़प कर जान से मारने की धमकी से आहत दलित युवती द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त
झांसी। लाखों रुपए हड़प कर जान से मारने की धमकी से आहत दलित युवती द्वारा आत्महत्या करने के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह के न्यायालय ने निरस्त कर दी।
विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करौलिया के अनुसार वादी मुकदमा तेजसिंह ने थाना टहरौली में तहरीर देते हुए बताया था कि उस की बहन प्रभादेवी ब्यूटी पार्लर संचालित करती थी। 14 नवंबर 2025 की शाम गांव के ही एक व्यक्ति ने फोन पर बताया कि प्रभा ने फांसी लगा ली है। वह फरीदाबाद में मजदूरी करता है। सूचना पाते ही 15 नवंबर 2025 को सुबह अपने गांव गढीकरगाव पहुंचा । मां विमला देवी ने बताया कि प्रभा ने दो तीन बार फोन करके बताया कि सुनील कुमार राजपूत उसकी पुत्री को ब्लैकमेल कर रहा था और एक लाख रूपये पगड़ी के लिए जो प्रभादेवी ने सुनील को , दुकान मालिक को देने के लिए दिए थे। उक्त रुपए सुनील कुमार बीच में हड़प गया। उसके बाद उसकी बहन ने पार्लर की दुकान को बढ़ाने के लिए ढाई लाख रूपये का लोन निकाला तो सुनील ने प्रभा को पुनः विश्वास में लेकर ढाई लाख रूपया भी हजम कर लिया ,जब प्रभा ने रूपए वापस मांगे तो सुनील ने कहा कि अगर दुबारा रूपए मांगे तो गोली मार देंगे। बहन ने कहा कि अगर तुमने मेरा पूरा पैसा वापस नहीं किया तो मै आत्महत्या कर लूंगी ,तो सुनील ने कहा कि आत्महत्या कर लो ऐसा उसकी बहन ने उसे व अन्य परिवारजनों को बताया था। उसके कुछ दिन बाद दुखी होकर उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली। तहरीर के आधार पर सुनील कुमार राजपूत पुत्र देवीदीन उर्फ पोटा राजपूत निवासी ग्राम ओडेरा थाना राठ जिला हमीरपुर के खिलाफ धारा-316 (2).351(3), 108 बीएनएस एवं धारा 3(2) व्ही, 3(2) व्ही ए, 3 (1) द एस.सी/एस.टी.एक्ट के तहत थाना टहरौली में मुकदमा दर्ज किया गया। उक्त मामले में आरोपी सुनील कुमार राजपूत की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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