घर में घुसकर दंपति के साथ गाली गलौज, मारपीट कर जान से मारने की धमकी व लूट के मामले में 03 वर्ष का सश्रम कारावास
झांसी। सत्रह साल पहले घर में घुसकर दंपति के साथ गाली गलौज, मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हुए मंगलसूत्र और नगदी लूट के मामले में दोषी को विशेष न्यायाधीश (द०प्र०क्षे०) अनुभव द्विवेदी के न्यायालय ने 03 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष अधिवक्ता विपिन कुमार मिश्रा के अनुसार थाना रक्सा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गागोनी निवासी श्रीमती शांति पत्नी रामसेवक कुशवाहा ने थाना रक्सा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही लढू, बलवान, नारायन सिंह एवं श्रीमती रेखा बहुत ही चालाक एवं बदमाश किस्म के व्यक्ति हैं जो वादिया के परिवार से रंजिश मानते हैं तथा हमेशा नुकसान पहुंचाने एवं नीचा दिखाने की कोशिश में रहते हैं। उसकी दो बकरी व एक बकरा, जिसकी कीमत लगभग 4000 रूपया थी जिसे चुराकर अभियुक्तगण बेचना चाहते थे। 12 अगस्त 2009 को बकरा खेत में पेड़ से बंधा हुआ था । वह व उसका पति अपने खेत पर थे। दिन में लगभग 11 बजे अभियुक्तगण लढू, बलवान, नारायन सिंह चुपचाप बकरा को चुराकर ले जाने लगे तो बकरे की आवाज सुनकर बकरे को चुराकर ले जाने से मना किया तो उन्होंने गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए बकरे को जान से मारने की नियत से अपने कुँये में जबरदस्ती गिरा दिया तथा उनको भी कुल्हाड़ी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी । उक्त घटना की सूचना थाना रक्सा में दिए जाने पर उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी थी तो 14 सितंबर 2009 को प्रार्थनापत्र वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की। 05 अक्टूबर 2009 को सुबह लगभग 8 बजे वादिया अपने घर में थी,उसी समय अभियुक्तगण लढ़ू, बलवान, नारायन सिंह एवं श्रीमती रेखा झगड़ा मारपीट एवं लटूपाट करने की गरज से एक राय होकर उसके दरवाजे आये और गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए घर में घुसकर उसे व उसके पति रामसेवक को लात-घूसों से मारने लगे ,श्रीमती रेखा ने मारपीट कर उसके गले से सोने का मंगलसूत्र वजनी आधा तोला, जबरदस्ती छीन लिया तथा बलवान, नारायन सिंह व लढू ने उसके पति की जेब से मारपीट कर जान माल की धमकी देकर 300 रूपये जबरदस्ती छीन लिये और जान से मारने की धमकी देकर भाग गये। उक्त मामले में अभियुक्तगण नारायन सिंह एवं श्रीमती रेखा के अनुपस्थित हो जाने के कारण उनकी पत्रावली पृथक कर दी गयी थी। अभियुक्त लढू की मृत्यु के कारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अभियुक्त बलवान को धारा-394 भा०द०सं० के अन्तर्गत 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पाँच हजार रूपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर 01 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा-452 भा०दं०सं० में 02 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर 15 दिन के अतिरिक्त कारावास व धारा-323 भा०दं०सं० में 2 माह के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।

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