हत्यारे पिता- पुत्र सहित चार को आजीवन कारावास
झांसी। हत्या के मामले में आरोप सिद्ध होने पर
अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश,कमल कान्त श्रीवास्तव के न्यायालय ने पिता - पुत्र सहित चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 22-22 हजार रुपए अर्थदण्ड से भी दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र पांचाल के अनुसार वादी मुकदमा ह्रदेश सिंह पुत्र हरेन्द्र, निवासी ग्राम बोंडा थाना मऊरानीपुर ने 30 मार्च 2019 को थाना मऊरानीपुर में तहरीर दी थी कि 29 मार्च 2019 की शाम लगभग 06.30 बजे जब वह गाँधी चबूतरा के पास खड़ा था तभी गांव के लवकुश उर्फ लेखराज सिंह, धर्मपाल सिंह, दृगपाल सिंह व इन्द्रपाल सिंह आये और मेरा नाम लेकर गंदी-गांदी गालियाँ देने लगे । मेरे पिता ने जब गाली देने से मना किया तो धर्मपाल और दृगपाल के कहने पर धर्मपाल के लड़के लवकुश उर्फ लेखराज ने पिता को गोली मार दी। सीने में गोली लगने से पिता जमीन पर गिर पड़े तो इन्द्रपाल बोला कि ह्रदेश को भी गोली मारकर काम खत्म कर दो । इन्द्रपाल की बात सुनकर वादी सहित सभी लोग मौके से भाग गये। गोली की आवाज सुनते ही गांव वाले गांधी चबूतरा के पास इकट्ठे होने लगे। पिता को उपचार हेतु सरकारी अस्पताल मऊरानीपुर ले जाया गया, जहाँ डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वादी मुकदमा की तहरीर पर थाना मऊरानीपुर में अभियुक्तगण लवकुश उर्फ लेखराज सिंह, धर्मपाल सिंह, दृगपाल सिंह व इन्द्रपाल सिंह के विरूद्ध धारा-302, 504, 34 भा०द०सं० के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अभियुक्तगण लवकुश उर्फ लेखराज, धर्मपाल, दृगपाल व इन्द्रपाल को धारा-302 सपठित धारा-34 भा०दं०सं० में आजीवन कारावास तथा बीस-बीस हजार रूपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास, धारा-504 भा०दं०सं० में एक- एक वर्ष के कठोर कारावास तथा दो दो-हजार रूपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।

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