विद्यालयों में बाल सुरक्षा हेतु पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष विधिक साक्षरता अभियान निरंतर जारी
झांसी: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल के कुशल मार्गदर्शन में जनपद के विद्यालयों में बाल सुरक्षा हेतु पॉक्सो अधिनियम 2012 विशेष विधिक साक्षरता अभियान निरंतर गतिमान है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी के संयोजन में आज जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण कानूनों व उनके विधिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।
सूरज प्रसाद गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदित्य चतुर्वेदी एवं सिविल जज (जू.डि.) श्रीमती नंदिनी अग्निहोत्री ने छात्राओं को बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा, 'गुड टच और बैड टच' के अंतर तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग (साइबर सुरक्षा) के विषय में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था सदैव बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है, आवश्यकता केवल अपने अधिकारों को जानने और समय पर मुखर होकर आवाज़ उठाने की है। शिविर में वरिष्ठ सहायक आदिल जाफरी ने प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी दी। इस दौरान डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउन्सिल अजितेन्द्र तिवारी पराविधिक, स्वयंसेवक मानसिंह कुशवाहा एवं सपना सविता मौजूद रहे। वहीं विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्या श्रीमती सुष्मिता वर्मा, कार्यक्रम संचालक आसमा खान एवं शिक्षिका रूपवती सहित समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुधा यादव, न्यायाधीश लघुवाद न्यायालय दुर्गेश नंदिनी एवं अपर सिविल जज (सी.डि.)अनिल कुमार (सप्तम) उपस्थित रहे। न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को 'लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम' (पॉक्सो एक्ट, 2012) के प्रावधानों, 'गुड टच और बैड टच' के अंतर, बाल अधिकारों तथा सुरक्षात्मक कानूनी उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शारीरिक अथवा मानसिक उत्पीड़न, अनुचित व्यवहार या छेड़छाड़ को कतई सहन न करें। कानून बच्चों को भयमुक्त परिवेश, पूर्ण गोपनीयता और त्वरित न्याय प्रदान करता है। किसी भी विषम परिस्थिति में बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा विधिक सहायता तंत्र को सूचित करें। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउन्सिल दीपक मणि त्रिपाठी ने न्यायालय में पीड़ित बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक पैरवी और सहायता प्रणाली से अवगत कराया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक आदिल जाफ़री तथा पराविधिक स्वयंसेवक कल्पनाथ सिंह एवं समीरा खान उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाचार्य दिनेश कुमार, प्रधान लिपिक अच्छेलाल राजपाली, सहायक अध्यापक पंकज कुमार मिश्रा, अध्यापकगण मुकेश कुमार, उमेश कुमार, योगेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार यादव, संदीप वर्मा,अरविंद कुमार एवं लिपिक मूलचंद सहित समस्त स्टाफ व बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
अभियान के अंतर्गत सरस्वती पाठशाला इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज, झाँसी में आयोजित शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी एवं सिविल जज (जू.डि.) धीरेंद्र कुमार ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम एवं बाल विवाह निषेध से जुड़े कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। शिविर में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउन्सिल अजय कुमार राठौर ने पीड़ित प्रतिकर योजना तथा विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। इस दौरान पराविधिक स्वयंसेवक शशि रायकवार व पुष्पा रायकवार उपस्थित रहे। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्रा, उप-प्रधानाचार्य संगम सिंह सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्र मौजूद रहे।
*हेल्पलाइन नंबरों व विधिक सुविधाओं की दी गई जानकारी*
सभी शिक्षण संस्थानों में आयोजित शिविरों के दौरान छात्र-छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता प्राप्त करने हेतु नालसा की 24×7 राष्ट्रीय टोल-फ्री विधिक हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वूमेन पावर लाइन 1090 तथा आपातकालीन सेवा 112 की उपयोगिता समझाई गई और विधिक जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। अंत में संबंधित विद्यालय प्रबंधन द्वारा उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
रिपोर्ट अंकित साहू

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