जन-जन के सुख, शान्ति और समृद्धि के लिए धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति का भव्य संगम झाँसी में 4 से 13 दिसंबर तक

झांसी: झाँसी के समूचे जनमानस की सुख, शांति और समृद्धि के लिए धर्म, अध्यात्म और भारतीय सनातन संस्कृति के प्रति जन-जन को जोड़ने तथा समूचे समाज में आध्यात्मिक चेतना का संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से झाँसी में दिसंबर माह में लगातार दस दिनों तक दो भव्य धार्मिक आयोजनों का समायोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को देश के सुप्रसिद्ध संतों के श्रीमुख से आध्यात्मिक कथा एवं धर्मोपदेश सुनने का अवसर प्राप्त होगा।
आयोजक पं. रवि शर्मा ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों धार्मिक आयोजनों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 4 दिसंबर से 13 दिसंबर 2026 तक झाँसी में धर्म एवं अध्यात्म से जुड़े दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में झाँसी सहित बुन्देलखण्ड और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की उम्मीद है।
पं. रवि शर्मा ने बताया कि प्रथम आयोजन के अंतर्गत 4 दिसंबर से 10 दिसंबर 2026 तक राधिका आर्केड के सामने, कानपुर रोड, झाँसी में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध श्रद्धेय पं. प्रदीप मिश्रा के ओजस्वी श्रीमुख से श्रीशिव महापुराण एवं विषाल पार्थिव शिवलिंग निर्माण का आयोजन किया जाएगा।
भगवान शिव की महिमा, भक्ति, श्रद्धा और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा। कथा के माध्यम से भगवान शिव के प्रति आस्था, भारतीय धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण भी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की आराधना में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से शिव आराधना एवं कथा श्रवण का अवसर प्राप्त होगा।
आयोजक मंडल ने बताया कि श्रीशिव महापुराण के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। झाँसी में इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजन से शहर के जन-जन में सुख षान्ति एवं समृद्धि के लिए धार्मिक एवं    सांस्कृतिक वातावरण को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
श्रीशिव महापुराण के आयोजन के पश्चात 11 दिसंबर से 13 दिसंबर 2026 तक इसी स्थल पर श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वनामधन्यश्रद्धेय धीरेन्द्र शास्त्री , पीठाधीश्वर 1008 श्री बागेश्वर धाम सरकार के ओजस्वी श्रीमुख से श्री हनुमंत कथा का श्रवण कराया जाएगा।
श्री हनुमान जी भारतीय सनातन परंपरा में भक्ति, सेवा, समर्पण, साहस और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा के प्रतीक माने जाते हैं। श्री हनुमंत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम एवं श्री हनुमान जी की भक्ति, धर्म, संस्कार और सेवा के संदेश से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
आयोजक पं. रवि शर्मा ने कहा कि दोनों आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि झाँसी के जनमानस की सुख, शांति और समुद्धि की कामना के साथ सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश देने वाले अवसर हैं। इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पं. रवि शर्मा ने झाँसी एवं आसपास के जनपदों के सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमी नागरिकों और सनातन संस्कृति में आस्था रखने वाले लोगों से दोनों आयोजनों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि झाँसी की धरती धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। ऐसी पावन धरती पर संतों के श्रीमुख से कथा श्रवण का अवसर पूरे क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में कथा का श्रवण करने तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
आयोजक मंडल द्वारा कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंधों को लेकर संबंधित स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं। लगातार आठ दिनों तक होने वाले इन दोनों आयोजनों से झाँसी में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। पहले सात दिनों तक श्री शिव महापुराण एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण और उसके बाद तीन दिनों तक श्री हनुमंत कथा का आयोजन होगा।
आयोजक पं. रवि शर्मा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य झाँसी के जनमानस को सुख शान्ति एवं समृद्धि के लिए ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से जोड़ना है, जहाँ श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन मूल्यों के संदेश को समझ सकें।
उन्होंने कहा कि “धर्म और अध्यात्म व्यक्ति के जीवन में संस्कार, सेवा, सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का माध्यम हैं। झाँसी की जनता को इन दोनों आयोजनों में सहभागी बनने का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने समस्त संत समाज, धर्माचार्यों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं एवं झाँसीवासियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
 
कार्यक्रम एक नजर में
 
श्री शिव महापुराण एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण
दिनांकः 4 से 10 दिसंबर 2026
कथा वक्ताः अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध श्रद्धेय पं. प्रदीप मिश्रा
स्थानः राधिका आर्केड के सामने, कानपुर रोड, झाँसी
 
श्री हनुमंत कथा
दिनांकः 11 से 13 दिसंबर 2026
कथा वक्ताः धीरेन्द्र शास्त्री, पीठाधीश्वर श्री बागेश्वर धाम सरकार
स्थानः राधिका आर्केड के सामने, कानपुर रोड, झाँसी
झाँसी की पावन धरती पर होने वाले इस आठ दिवसीय आध्यात्मिक महाआयोजन में सहभागी बनें और श्री शिव महापुराण एवं श्री हनुमंत कथा का श्रवण कर धर्म, भक्ति, संस्कार एवं सनातन संस्कृति के संदेश से जुड़ें।
इस अवसर पर हरिओम पाठक धर्माचार्य, मनोज थापक ज्योतिषाचार्य, हरिओम थापक ज्योतिषाचार्य, मनमोहन गेड़ा, संजय पटवारी, संतोष साहू, पंकज शुक्ला, परन शर्मा,आनंद अग्रवाल रॉयल मेल,अभिषेक भार्गव, गोकुल दुबे, मंडल अध्यक्ष दिलीप पुरी, मोनू शिवहरे, कुशाग्र त्रिवेदी, मार्तण्ड स्वामी, सियाशरण चतुर्वेदी, अनिल सुडेले, देवेन्द्र दुबे,  मैथली मुदगिल, विनोद अग्रवाल स्टील, चन्द्रशेखर साहू, सशील भार्गव,पंकज भार्गव,आशुतोष द्विवेदी, संजीव बुधौलिया, कमल सहगल, सुरेन्द्र शर्मा, आशीष तिवारी, डॉ0 अभिषेक गोस्वामी, पप्पन पाठक, गोल्डी शर्मा, नरेन्द्र यादव, कम्मू तिवारी, लखनलाल गुप्ता, विवेक परिहार, सुजीत तिवारी, कल्लू पुरी, अन्नू गुप्ता, राकेश पलया आदि लोग उपस्थित रहे। 
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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