बुंदेलखंड राज्य: व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, सामूहिक भविष्य का सवाल
झांसी। बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की चाहत रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। पृथक बुंदेलखंड राज्य किसी एक व्यक्ति, संगठन अथवा राजनीतिक दल का विषय नहीं है। यह पूरे बुंदेलखंड के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसलिए जो भी व्यक्ति बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की भावना रखता है, वह हमारा साथी है और हम उसके साथ हैं।
बुंदेलखंड राज्य का आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ की प्राप्ति का माध्यम नहीं है। यह आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य, क्षेत्र के विकास और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष का विषय है। इस आंदोलन से जुड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना होगा कि यहां तत्काल व्यक्तिगत लाभ मिलने वाला नहीं है। संघर्ष लंबा हो सकता है, रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट है—पृथक बुंदेलखंड राज्य।
हम एक बात बिल्कुल स्पष्ट करना चाहते हैं कि बुंदेलखंड क्रांति दल सरकार में नहीं है। इसलिए हम किसी अधिकारी को डराकर या दबाव बनाकर किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत काम नहीं करा सकते। प्रत्येक काम की एक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। यदि किसी व्यक्ति का काम कानून के अनुसार होने योग्य है तो उसे कानूनी तरीके से कराने में हम यथासंभव सहायता कर सकते हैं।
जहां कानूनी सलाह की आवश्यकता है, वहां अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है। जहां प्रशासनिक प्रक्रिया की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग और अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बात रखनी होगी। हमारा विश्वास किसी अधिकारी को भयभीत करने में नहीं, बल्कि कानून के शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था में है।
हम जनता को झूठे आश्वासन देकर अपने साथ जोड़ने की राजनीति नहीं करना चाहते। हमारा उद्देश्य साफ है—बुंदेलखंड राज्य का निर्माण।
यह आंदोलन उन लोगों के लिए नहीं है जो अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए किसी आंदोलन का उपयोग करना चाहते हैं। यदि कोई व्यक्ति मातृभूमि और क्षेत्र के हित की लड़ाई में भी अपना निजी लाभ तलाशता है, तो उसे इस आंदोलन से दूर रहना चाहिए।
इसी तरह बुंदेलखंड क्रांति दल किसी खनिज माफिया, भू-माफिया, सट्टा माफिया, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े व्यक्ति अथवा किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि करने वाले व्यक्ति का संरक्षण नहीं करता। बुंदेलखंड के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बुंदेलखंड राज्य आंदोलन की शक्ति उसकी ईमानदारी, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संघर्ष में है।
हमें इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए। देश की आजादी के लिए असंख्य लोगों ने अपना जीवन और अपना सर्वस्व त्याग दिया। स्वतंत्रता संग्राम में शामिल लोगों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए संघर्ष नहीं किया था। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्र भारत देना था।
उसी भावना के साथ हमें बुंदेलखंड के लिए संघर्ष करना होगा।
आज जो व्यक्ति बुंदेलखंड राज्य के आंदोलन में समय देता है, वह संभव है कि अपने संघर्ष का तत्काल कोई व्यक्तिगत लाभ न देख पाए। लेकिन यदि आंदोलन सफल होता है तो उसका लाभ किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड को मिलेगा। हमारी आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा।
और यदि हम अपने क्षेत्र के लिए आवाज नहीं उठाएंगे, संघर्ष नहीं करेंगे और एकजुट नहीं होंगे, तो इसका नुकसान भी किसी एक व्यक्ति का नहीं होगा—उसका प्रभाव पूरे बुंदेलखंड पर पड़ेगा।
इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि हम व्यक्तिगत मतभेदों और स्वार्थों से ऊपर उठें। बुंदेलखंड राज्य की मांग को किसी दल या व्यक्ति तक सीमित न करें। यह पूरे क्षेत्र का सामूहिक प्रश्न है।
जो भी व्यक्ति बुंदेलखंड राज्य के निर्माण के पक्ष में है, वह इस लोकतांत्रिक संघर्ष में अपनी भूमिका निभाए। कोई अपने गांव में जागरूकता फैलाए, कोई युवाओं को जोड़े, कोई समाज के बीच संवाद करे, कोई लेख लिखे, कोई शांतिपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हो और कोई अपने स्तर पर बुंदेलखंड की आवाज को मजबूत करे।
बुंदेलखंड राज्य का निर्माण केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होगा। इसके लिए पूरे बुंदेलखंड की एकजुट आवाज आवश्यक है।
आइए, हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर बुंदेलखंड के भविष्य के लिए एक साथ खड़े हों।
आप बुंदेलखंड राज्य के लिए हमारे साथ हैं और हम बुंदेलखंड राज्य के लिए आपके साथ हैं।

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