12 दिसंबर को दिल्ली में होगी विशाल कर्मचारी आक्रोश रैली: सुभाष लांबा
झांसी। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय कर्मचारी आक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी में मंडलीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में झांसी मंडल के ललितपुर, उरई व झांसी जनपदों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया और दिल्ली रैली में हजारों की संख्या में पहुंचने का संकल्प लिया। सम्मेलन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि हजारों की संख्या में पेंशनर्स भी रैली में शामिल होंगे। सम्मेलन में मेडिकल कॉलेज के ठेका संविदा कर्मियों को दो महीने से वेतन न मिलने और अन्य मांगों का समाधान न होने की घोर निन्दा की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पुरानी पेंशन बहाली, ठेका-संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें समय पर लागू करने और सरकारी विभागों में खाली पड़े करोड़ों पदों को स्थायी भर्ती से भरने सहित ज्वलंत मांगों को लेकर कर्मचारी अब निर्णायक संघर्ष की तैयारी में हैं।
उन्होंने कहा कि पीएफआरडीए एक्ट, एनपीएस और यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करना, जनवरी 2026 से मूल वेतन का 20 प्रतिशत तथा न्यूनतम 5 हजार रुपये अंतरिम राहत देना, ठेका-संविदा प्रथा पर रोक लगाकर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण एवं सरकारी विभागों की डाउन साइजिंग रोकना और 18 माह के बकाया डीए/डीआर का ब्याज सहित भुगतान करना प्रमुख मांगें हैं। लांबा ने कहा कि पेंशन वैलीडेशन एक्ट रद्द करने, पेंशनर्स को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर मूल पेंशन में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी देने, कर्मचारियों-पेंशनर्स एवं उनके आश्रितों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा ट्रेड यूनियन एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों को बंद करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन और ज्ञापनों के बावजूद सरकारें कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। अब देशभर के कर्मचारी 12 दिसंबर को दिल्ली में एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की रैली से आगामी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की दिशा भी तय की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश से हजारों कर्मचारी दिल्ली पहुंचेंगे और रैली को ऐतिहासिक बनाने में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि रैली की तैयारियों को लेकर सभी मंडलों एवं जनपदों में सभाएं, गेट मीटिंग और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री जेपी पांडेय और राज्य अध्यक्ष पद्ममनाभ त्रिवेदी ने कहा कि रैली की मांगें कर्मचारियों के भविष्य से जुडी़ हुई है, इसलिए लोक निर्माण विभाग से बड़ी संख्या में मिनिस्ट्रियल स्टाफ रैली में शामिल होगा और इसकी व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विस एसोसिएशन्स के महामंत्री प्रतीक गुप्ता व कार्यकारी अध्यक्ष मिलिंद सक्सेना ने कहा कि विभिन्न विभागों के मिनिस्ट्रियल कर्मचारी भी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर कर्मचारी आक्रोश रैली को मजबूत करेंगे। सम्मेलन में एसपी सिंह, उपेंद्र मणि त्रिपाठी, जेपी पांडेय सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के नेता रामबाबू विश्वकर्मा, राजा चौहान और लाखन सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि झांसी मंडल के सभी जनपदों में विभागवार गेट मीटिंग कर कर्मचारियों को दिल्ली रैली के लिए लामबंद किया जाएगा तथा अधिक से अधिक संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस मौके पर पदम नाथ त्रिवेदी प्रांतीय अध्यक्ष, जेपी पांडे प्रांतीय महामंत्री उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, मिलिंद सक्सेना प्रांतीय महामंत्री फॉरेस्ट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, प्रतीक गुप्ता महामंत्री प्रांतीय उत्तर प्रदेश फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन आदि मौजूद रहे।

No Previous Comments found.