झांसी में मां दुर्गा की आराधना के साथ सेवा और संस्कारों का संदेश, डॉ. संदीप सरावगी ने की आरती, कन्याओं का पूजन कर बांटे उपहार एवं प्रसाद

झांसी। शक्ति की उपासना, आस्था की दिव्यता और सेवा-संस्कारों की परंपरा के बीच झांसी में शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई। शहर के भवानी मंदिर चौराहा स्थित टंकी वाली माता मंदिर, सदर बाजार में कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन हुआ, वहीं अंदर सैयेर गेट स्थित फूटा चोपड़ा में बांधव समिति द्वारा आयोजित 166वें वर्ष के श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इन सभी आयोजनों में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मां दुर्गा की आरती कर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। उनके आगमन पर तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया गया।
 
महाष्टमी के पावन अवसर पर टंकी वाली माता मंदिर में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके चरण पखारे गए और विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके उपरांत कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया तथा उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस आयोजन ने नारी शक्ति के सम्मान, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कारों की सुंदर झलक प्रस्तुत की। डॉ. संदीप सरावगी ने आरती कर माता रानी का आशीर्वाद लिया और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया। इस दौरान मोहन सोनी, मयंक अग्रवाल, विजय अग्रवाल, रजत अग्रवाल, राकेश जैन, दीपक अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, कमल चोपड़ा, राजू जैन, प्रदीप, मिथुन एवं फिरंगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
 
वहीं, झांसी के अंदर सैयेर गेट स्थित फूटा चोपड़ा में बांधव समिति द्वारा 166वें वर्ष के श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी पर पूजा एवं पुष्पांजलि, संधि पूजा एवं बलिदान तथा संध्या आरती का आयोजन किया गया। मां दुर्गा के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। समिति की ओर से हिंदी चलचित्रों से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यहां भी मुख्य अतिथि डॉ. संदीप सरावगी ने मां दुर्गा की आरती की और भक्तों को प्रसाद वितरित किया। समिति के सदस्यों ने तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदीप मुखर्जी, जय चटर्जी, सौमित्र रॉय एवं रवि शंकर चटर्जी सहित समिति के सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
 
दोनों आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, सेवा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देखने को मिला। एक ओर कन्या पूजन एवं भोज के माध्यम से बेटियों के सम्मान और संस्कारों को प्रोत्साहित किया गया, तो दूसरी ओर 166 वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा की परंपरा ने झांसी की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। डॉ. संदीप सरावगी की सहभागिता, आरती एवं प्रसाद वितरण ने इन आयोजनों में श्रद्धा और आत्मीयता का भाव बढ़ाया। मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

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