ट्रेन में तेज आवाज में गाने, वीडियो और रील चलाना पड़ सकता है महंगा,1000 तक जुर्माने का प्रावधान
झांसी: रेल यात्रा के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाने सुनना, रील देखना, वीडियो चलाना या स्पीकर मोड पर ऑडियो बजाना अन्य यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बन सकता है। ट्रेन के कोचों, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालयों और अन्य रेलवे परिसरों में सभी यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यात्रियों को मोबाइल फोन का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि का स्तर नियंत्रित रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 में किए गए संशोधनों के संदर्भ में नियमों के पालन का महत्व और बढ़ जाता है। रेलवे परिसर में यात्रियों की सुविधा प्रभावित करने वाले व्यवहार पर लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित परिस्थितियों में ₹1,000 तक का जुर्माना अथवा 6 माह की जेल अथवा दोनों लगाया जा सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मोबाइल पर गाने, वीडियो, रील या अन्य ऑडियो सामग्री सुनते समय ईयरफोन का इस्तेमाल करें और मोबाइल का स्पीकर तेज आवाज में न चलाएं।
रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान मोबाइल फोन पर बातचीत करते समय भी आवाज धीमी रखें, अनावश्यक तेज रिंगटोन से बचें और सहयात्रियों के आराम एवं निजता का सम्मान करें। विशेष रूप से रात के समय और वातानुकूलित कोचों में ध्वनि का स्तर नियंत्रित रखना जरूरी है, ताकि किसी यात्री की नींद या यात्रा में व्यवधान न हो। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर सभी यात्री रेल यात्रा को अधिक सुखद और सुविधाजनक बना सकते हैं।
रेलवे का संदेश स्पष्ट है—आपकी मनोरंजन की सुविधा, दूसरों की परेशानी न बने। नियमों का पालन करें, ईयरफोन अपनाएं और सभी के लिए शांतिपूर्ण रेल यात्रा सुनिश्चित करने में सहयोग दें।
रिपोर्टर अंकित साहू

No Previous Comments found.