नो हेलमेट, नो राइड” सख्ती से लागू, तेज वाहन जांच व जागरूकता अभियान के निर्देश

पाकुड़ : उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए, उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं नियमों की अनदेखी, तेज गति एवं जागरूकता की कमी के कारण हो रही हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ वाहन जांच अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य बताते हुए कहा कि चालक एवं सहचालक दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान को सख्ती से लागू करने तथा सभी पेट्रोल पंपों पर इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जिले के सभी दोपहिया शोरूम बिना रजिस्ट्रेशन, बिना नंबर प्लेट के किसी भी वाहन को सड़क पर नहीं उतारेंगे, साथ ही सभी वाहनों में आगे-पीछे नंबर प्लेट अनिवार्य रूप से लगाने एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी, जागरूकता का असर

समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 के जनवरी से मार्च तक 24 सड़क दुर्घटनाओं में 26 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि वर्ष 2026 की इसी अवधि में 16 दुर्घटनाओं में 13 लोगों की मृत्यु हुई है। यह कमी लोगों में बढ़ती जागरूकता एवं नियमों के पालन का परिणाम है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाए तथा विशेष रूप से दोपहिया एवं तीनपहिया वाहनों की जांच प्रतिदिन सुनिश्चित की जाए।

जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक कुल 1989 वाहनों पर 99,19,554 रुपये का चालान किया गया, जिसमें से 80,49,878 रुपये की वसूली की गई है। वहीं फरवरी एवं मार्च 2026 में 250 वाहनों पर 11,33,150 रुपये का चालान किया गया, जिसमें 8,38,600 रुपये की वसूली की गई। उपायुक्त ने लंबित चालानों की वसूली में तेजी लाने तथा बकायेदार वाहन चालकों से समन्वय स्थापित कर राशि वसूलने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय

उपायुक्त ने अंधे मोड़ एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप, साइनेज, कॉन्वेक्स मिरर एवं स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को जागरूक करने तथा स्कूल वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अनफिट वाहनों व ओवरलोडिंग पर कार्रवाई

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनफिट वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाई जाए तथा कोयला ढुलाई में लगे वाहनों की फिटनेस, नंबर प्लेट, रिफ्लेक्टिव टेप एवं अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जाए। ओवरलोडिंग एवं अवैध संशोधन वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

गुड सेमेरिटन को  प्रोत्साहन

सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले “गुड सेमेरिटन” (राह वीर) को चिन्हित कर सम्मानित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सभी थाना, अस्पताल एवं प्रखंड स्तर पर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।

हिट एंड रन मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश

उपायुक्त ने हिट एंड रन के मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच अभियान चलाते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए नियमों का पालन कराने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके.

रिपोर्टर : अभिषेक तिवारी 

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