किस्को के बगड़ू क्षेत्र में घटिया कार्य, सड़क किनारे लगाए गए पोलों से दुर्घटना की आशंका
लोहरदगा : लोहरदगा जिले में चल रहे ग्रामीण विद्युतीकरण कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। किस्को प्रखंड अंतर्गत पतरातू पावर सब स्टेशन से पेशरार मुख्य सड़क के बगड़ू लावापानी द्वार तक करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट बिजली लाइन विस्तार कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कार्य एजेंसी एनसीसी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बिजली पोल गाड़ने के कार्य में मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण तार बिछाने से पहले ही कई पोल झुकने लगे हैं। जानकारी के अनुसार उक्त क्षेत्र में ग्रामीणों और किसानों को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नए पोल खड़े कर 11 हजार वोल्ट का बिजली तार बिछाया जा रहा है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल की नींव तैयार करने में आवश्यक गुणवत्ता का पालन नहीं किया गया। कई जगहों पर पोल के लिए गड्ढे तो खोदे गए, लेकिन उसमें पर्याप्त मात्रा में कंक्रीट और सीमेंट नहीं डाला गया। आरोप है कि केवल ऊपरी हिस्से में नाम मात्र का सीमेंट और कंक्रीट डालकर पोल खड़ा कर दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कई पोल झुक चुके हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। मामले का दूसरा गंभीर पहलू सड़क सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि आरसीडी विभाग की लोहरदगा–पेशरार मुख्य सड़क के किनारे, सड़क के फ्लैंक पर ही कालीकरण के डेढ़ से दो फीट की दूरी पर ही कई बिजली पोल गाड़ दिए गए हैं। कई घुमावदार मोड़ों और संकरे हिस्सों में भी सड़क से सटाकर पोल लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहन या अनियंत्रित वाहन कभी भी इन पोलों से टकरा सकते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही हुई है। उनका कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं विभाग से मांग की है कि कार्य की तकनीकी जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध हो सके। वहीं बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद साबिर ने कहा कि विभाग द्वारा मामले की जांच की जाएगी।
रिपोर्टर : नेहाल अहमद

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