जॉर्डन के चर्च पर आतंकी हमला, 7 की मौत और 34 घायल; भारत ने की कड़ी निंदा

जॉर्डन के कराक शहर में एक चर्च पर हुए जानलेवा हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। 23 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई, जब चर्च में अंतिम संस्कार के लिए लोग जुटे थे। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को घिनौना और कायरतापूर्ण करार देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। भारत ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इस मुश्किल घड़ी में जॉर्डन के साथ एकजुटता जताई है। स्रोत भारत ने की हमले की कड़ी निंदा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प

भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर जॉर्डन के कराक में चर्च पर हुए हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और अनेक लोग घायल हुए हैं। भारत ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।भारत ने यह भी कहा कि वह इस कठिन समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही भारत ने दुनिया भर में आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जताया दुख

जॉर्डन में हुए इस हमले पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए घटना में निर्दोष लोगों की मौत पर संवेदना जताई।जयशंकर ने मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में जॉर्डन की सरकार और वहां के मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।विदेश मंत्री ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई। भारत की इस प्रतिक्रिया को आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

अंतिम संस्कार के दौरान चर्च में हुई गोलीबारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्डन के कराक प्रांत के हमूद गांव में स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई और 34 लोग घायल हो गए।घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में कार्रवाई शुरू की और हमलावरों की तलाश तेज कर दी। जॉर्डन के अधिकारियों ने इस घटना को चरमपंथियों द्वारा अंजाम दिया गया आतंकवादी हमला बताया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, तत्काल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी।धार्मिक स्थल पर अंतिम संस्कार के दौरान हुई इस हिंसा से इलाके में शोक का माहौल है। घटना के बाद निर्दोष नागरिकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय बिन हुसैन ने हमले की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि कराक पर हुए हमले के दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।राजा ने देश की एकता पर जोर देते हुए कहा कि गोलियों के जरिए जॉर्डन के लोगों को बांटने की कोशिश करने वाले अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के उत्तर से दक्षिण तक सभी नागरिक साझा जमीन और भविष्य से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही चेतावनी दी कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की जिंदगी को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जॉर्डन में हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा

चर्च पर हुए इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निंदा की गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने घटना पर दुख जताया और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की जरूरत पर जोर दिया।इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों और आम नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। भारत ने अपनी प्रतिक्रिया के जरिए स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह जॉर्डन के साथ खड़ा है और हिंसा के सभी रूपों का विरोध करता है।

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