भोपाल में बोले जेपी नड्डा 'हार से बौखलाया विपक्ष फैला रहा संस्थागत अविश्वास'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा भोपाल में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के दौरान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जेपी नड्डा ने कहा कि चुनाव में लगातार मिल रही हार से बौखलाया विपक्ष देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है और देश में अस्थिरता का माहौल बना रहा है।
"जब जीतें तो सब ठीक, हार जाएं तो चुनाव आयोग बेईमान"
विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों का कड़ा जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के दोहरे मापदंड जगजाहिर हैं। उन्होंने कहा, "जब वे हिमाचल प्रदेश या केरल जैसे राज्यों में चुनाव जीतते हैं, तब सब कुछ ठीक रहता है; लेकिन जब वे अन्य जगहों पर हार जाते हैं, तो वे चुनाव आयोग को बेईमान करार देने लगते हैं।"
नड्डा ने भारत की चुनाव प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने अमेरिका के मध्यावधि चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लोगों को खुद अपना पंजीकरण कराना पड़ता है, जबकि भारत में चुनाव आयोग जंगलों के भीतर और दुर्गम इलाकों में जाकर भी मतदाताओं तक पहुंचता है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण महंत हरदास उदासी का मतदान सुनिश्चित करना था।
"मैं आपातकाल का पीड़ित हूँ, पुलिस मुझे क्लासरूम से उठा ले गई थी"
कांग्रेस नेतृत्व पर व्यक्तिगत प्रहार करते हुए जेपी नड्डा ने अपने राजनीतिक संघर्ष को याद किया। आपातकाल के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैं खुद आपातकाल का पीड़ित हूँ; पुलिस मुझे सीधे मेरे क्लासरूम से उठा कर ले गई थी। पूरे के पूरे परिवारों को जेलों में ठूंस दिया गया था। जिन्हें यह तक नहीं पता कि जनता का दिल कैसे जीता जाता है, वे आज लोकतंत्र की बात कर रहे हैं।"
"इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर रोना बंद करें राहुल बाबा"
ईवीएम और बैलेट पेपर की बहस पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए नड्डा ने कहा कि जब चुनाव आयोग ने सभी दलों को ईवीएम हैकाथॉन में हिस्सा लेने का खुला निमंत्रण दिया था, तब कांग्रेस पार्टी के नेता मैदान छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा, "राहुल बाबा को ईवीएम की चिंता छोड़ कर आत्मचिंतन करना चाहिए और अपने अंदर झांकना चाहिए। जब बैलेट पेपर से चुनाव होते थे, तब कांग्रेस सिमटकर सिर्फ एक सीट पर आ गई थी।"
फर्जी मतदाताओं और पश्चिम बंगाल के आंकड़ों पर बयान
देश की चुनावी मशीनरी के पैमाने का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 1.4 अरब लोगों के दिलों में बसते हैं। चुनाव आयोग ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लाखों अधिकारियों और 12.7 लाख से अधिक BLOs को मैदान में उतारा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने जांच के बाद मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल का विशेष उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक तय समयावधि में मतदाताओं की संख्या में असामान्य रूप से भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसे सुधारा गया है।

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