देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन, लेकिन लड़ाई जारी! JPSC-JSSC पर सरकार से आर-पार
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे सत्याग्रह के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद समर्थकों की अपील पर उन्होंने पानी ग्रहण किया। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि यह अनशन खत्म होने का संकेत नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई पहले की तरह जारी रहेगी।
देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। लगातार अन्न-जल त्याग करने के कारण उनकी तबीयत खराब होने लगी थी। इसी दौरान देश के जाने-माने इनोवेटर सोनम वांगचुक ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत की और स्वास्थ्य को देखते हुए पानी पीने का आग्रह किया, जिसके बाद देवेंद्र ने जल ग्रहण किया।
देवेंद्र नाथ महतो के साथ अब चार अन्य अभ्यर्थी भी अनशन पर बैठ गए हैं। इनमें राहुल क्रांति कुमार, हबीबा, रूपेश और सविता कुमारी शामिल हैं। सभी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अनशन में शामिल राहुल क्रांति कुमार का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अच्छे अंक आने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। वहीं JPSC अभ्यर्थी हबीबा ने कहा कि कई दिनों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बाद भी जब सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो मजबूरी में उन्हें भूख हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं...
JPSC 14वीं PT परीक्षा को रद्द किया जाए।
पूरे मामले की जांच CID की जगह CBI से कराई जाए।
परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
विवादित एजेंसियों को परीक्षा संचालन से दूर रखा जाए।
भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।
JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा, 11 लोगों की गिरफ्तारी
छात्र आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते (L Khiangte) अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं मामले की जांच कर रही CID ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि केवल गिरफ्तारियां पर्याप्त नहीं हैं। उनका आरोप है कि असली दोषियों तक पहुंचने और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उनकी लड़ाई केवल भर्ती व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जब तक JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
फिलहाल रांची का यह छात्र आंदोलन झारखंड की राजनीति और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच यह गतिरोध कब खत्म होता है और क्या छात्रों की मांगों पर कोई बड़ा फैसला लिया जाता है।
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