Kailash Yatra 2026: 60 साल बाद ‘दिव्य संयोग’, आज खुली रजिस्ट्रेशन विंडो

अगर आप कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं, तो इस बार आपके लिए खास अवसर है। यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है और जून के पहले हफ्ते में पहला जत्था रवाना होने की योजना है। इस बार की यात्रा सिर्फ सामान्य नहीं, बल्कि एक दुर्लभ आध्यात्मिक संयोग के कारण बेहद खास मानी जा रही है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की उम्मीद है।

Kailash Mansarovar Yatra 2026: Visit Lord Shiva's Abode in Tibet

60 साल बाद बन रहा खास संयोग

बताया जा रहा है कि इस वर्ष तिब्बती और हिमालयी ज्योतिष के अनुसार 60 वर्षों बाद एक विशेष चक्र पूरा हो रहा है। इस दुर्लभ संयोजन को “अग्नि अश्व वर्ष” कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यही कारण है कि हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए इस बार की यात्रा का महत्व और बढ़ गया है।

Best Time to Visit Kailash Mansarovar Yatra

सीमित संख्या में श्रद्धालु होंगे शामिल

सरकार इस यात्रा की तैयारियों में तेजी से जुटी हुई है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए करीब 500 श्रद्धालुओं को इस बार शामिल करने की योजना बनाई गई है। यात्रा का आयोजन विदेश मंत्रालय द्वारा हर साल की तरह किया जा रहा है, जो जून से लेकर अगस्त-सितंबर तक चलता है।

Mount Kailash - Wikipedia

दो प्रमुख रास्तों से होगी यात्रा

इस पवित्र यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग तय किए गए हैं। पहला और मुख्य मार्ग लिपुलेख दर्रा के जरिए है, जो उत्तराखंड से होकर गुजरता है। दूसरा मार्ग नाथू ला दर्रा से होकर जाता है, जो सिक्किम के रास्ते आगे बढ़ता है।

Complete Kailash Manasarovar Yatra Tour Guide 2026 - Route, Cost, Permit &  Tips | Ojas Travel

लिपुलेख मार्ग पर यात्रा दिल्ली से शुरू होकर टनकपुर, पिथौरागढ़, धारचूला और गुंजी जैसे पड़ावों से गुजरती है। यह रास्ता अपेक्षाकृत अधिक लोकप्रिय है और इसमें वाहन सुविधा भी उपलब्ध रहती है। वहीं नाथू ला मार्ग अपेक्षाकृत कम उपयोग में आता है, लेकिन यह भी सुविधाजनक माना जाता है और इसमें ट्रेकिंग कम करनी पड़ती है।

धार्मिक महत्व और अनुभव

इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु मानसरोवर झील के किनारे पूजा-अर्चना करते हैं और कैलाश पर्वत की परिक्रमा करते हैं, जिसे भगवान शिव का निवास माना जाता है। यही कारण है कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक अनुभव से भी जुड़ी होती है।
 

Kailash Mansarovar Yatra from Delhi - Ghumney Official Website

आवेदन और जरूरी दस्तावेज

Kailash Mansarovar Experience: A Life-Changing Journey

यात्रा में शामिल होने के इच्छुक लोगों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। इसके लिए वैध पासपोर्ट या OCI कार्ड, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य हैं। चयनित यात्रियों को यात्रा से पहले विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाते हैं और एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है, ताकि वे पूरी तरह तैयार होकर इस कठिन लेकिन पवित्र यात्रा पर निकल सकें।

 

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