भारत माला परियोजना के मुआवजे के लिए विशेष कैंप

कैमूर : वाराणसी-राँची-कोलकाता एक्सप्रेसवे (भारतमाला परियोजना) के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजे के भुगतान के लिए कैमूर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, किसानों और रैयतों के आवेदनों के त्वरित निष्पादन हेतु आज दिनांक 01.05.2026 को समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में विशेष कैंप का आयोजन किया गया।

हड़ताल के कारण बाधित हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू बनाना और किसानों को उनका हक दिलाना।
मुआवजा वितरण की यह प्रक्रिया वरीय अधिकारियों की सीधी देखरेख में संपन्न:
पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक: श्री राजेश कुमार, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, कैमूर।
अपराह्न 02:00 बजे से अपराह्न 06:00 बजे तक: श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जाँच), कैमूर।
कार्य की अधिकता और तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। सुश्री श्रेया कुमारी (भूमि सुधार उप समाहर्ता, भभुआ),  श्री कमलाकांत त्रिवेदी  (भूमि सुधार उप समाहर्ता, मोहनिया) और श्री उज्जवल कुमार (वरीय उप समाहर्ता, कैमूर) को अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यों के संपादन हेतु अधिकृत किया गया है।
रामपुर, नुआँव और भगवानपुर की राजस्व अधिकारियों (सुश्री नाज मजीद, सुश्री अमिषा कुमारी एवं सुश्री आरती कुमारी) को भी जिला भू-अर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है।
इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य उन रैयतों और किसानों के लंबित आवेदनों का निस्तारण करना है जिनका मुआवजा भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सीधी निगरानी में इन कार्यों को संपन्न कराएं।
कैंप में 83 आवेदन की अंतिम रूप से भुगतान हेतु प्रक्रिया पूर्ण की गई जिसमें कुल राशि 12 (बारह) करोड़ रुपए सन्निहित है।
जिला पदाधिकारी द्वारा कैंप का निरीक्षण किया गया एवं कार्य की सराहना की गई।

रिपोर्टर : राम प्रवेश तिवारी 

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