Kamal Death Case:थाना पास, मोबाइल लोकेशन ट्रेस में, फिर भी नहीं बची कमल की जान
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर नाकामी है। जनकपुरी में 20 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिरने के बाद कमल पूरी रात तड़पता रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन बेखबर रहे। घटनास्थल से महज 800 मीटर दूर थाना था और मोबाइल लोकेशन 200 मीटर के दायरे में ट्रेस हो चुकी थी, फिर भी कोई समय पर नहीं पहुंचा।


कमल ने रात 11:53 बजे अपने जुड़वा भाई करण को आखिरी कॉल कर घर पहुंचने की बात कही थी। कुछ देर बाद उसका फोन उठना बंद हो गया। परिजन रात 1:35 बजे से थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने न तत्काल खोज शुरू की और न सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार सुबह उसकी लाश गड्ढे से मिली।

सूचना, संसाधन और तकनीक मौजूद होने के बावजूद एक युवक को मरने दिया गया। यह मौत सिर्फ कमल की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो जान बचाने से पहले औपचारिकताओं का इंतजार करती है।




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