करवा चौथ की शॉपिंग पर मीनू डागर ने कही बड़ी बात, बोलीं- कपड़ों पर पैसे क्यों बर्बाद करना?
AKANSHA UPADHYAY
करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। महिलाएं इस खास मौके के लिए कपड़ों, गहनों, मेहंदी और श्रृंगार की तैयारियों में जुट जाती हैं। बॉलीवुड फिल्मों ने भी करवा चौथ की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। खासकर शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने इस त्योहार को एक अलग पहचान दी। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें एक महिला करवा चौथ की शॉपिंग के बजाय घर की जरूरतों पर पैसे खर्च करने की बात कहती नजर आ रही है।
इस वीडियो को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीनू डागर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो में उनके पति करवा चौथ की खरीदारी के लिए पैसे खर्च करने की बात कहते हैं, लेकिन मीनू इस ऑफर को प्यार से ठुकरा देती हैं। उनका कहना है कि परिवार के पैसे सोच-समझकर खर्च करने चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है और इस पर 5,000 से ज्यादा कमेंट आने की बात कही गई है।
करवा चौथ की शॉपिंग पर क्या बोलीं मीनू डागर?
वीडियो में मीनू के पति उनसे पूछते हैं कि आने वाले करवा चौथ के लिए उन्हें कुछ खरीदना है या नहीं। इस पर मीनू कहती हैं कि शॉपिंग करने की क्या जरूरत है, आखिर खर्च तो घर के पैसों से ही होना है। यही पैसे किसी दूसरी जरूरत को पूरा करने में काम आ सकते हैं।उनके पति फिर कहते हैं कि अगर उन्हें कुछ लेना है, तो वह बता सकती हैं। इस पर मीनू करवा चौथ के बदलते स्वरूप पर अपनी राय रखती हैं। वह कहती हैं कि यह त्योहार साल में एक बार आता है, लेकिन सिर्फ एक दिन पति की पूजा करने से कुछ नहीं होता। पति की इज्जत और सम्मान पूरे साल किया जाना चाहिए।मीनू का मानना है कि त्योहार के नाम पर जरूरत से ज्यादा खर्च करना सही नहीं है। उन्होंने वीडियो में उन परिवारों का भी जिक्र किया, जहां शॉपिंग के लिए पैसे न होने के बावजूद कर्ज लेकर खरीदारी की जाती है। उनके मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही खर्च करना चाहिए।
20 हजार रुपये की शॉपिंग का ऑफर भी ठुकराया
वीडियो में मीनू के पति बताते हैं कि उन्होंने करवा चौथ की खरीदारी के लिए 20 हजार रुपये बचाकर रखे हैं। इस पर मीनू कहती हैं कि अगर इतने पैसे हैं, तो घर में जिस सामान की कमी है, उसे खरीद लेना चाहिए। कपड़ों पर पैसे खर्च करने के बजाय परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है।
मीनू अपनी बात को हल्के-फुल्के अंदाज में रखती हैं। हालांकि, उनका संदेश साफ है कि त्योहार मनाने के लिए महंगी खरीदारी करना जरूरी नहीं है। अपनी हैसियत के हिसाब से खर्च करना और बचत पर ध्यान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर वीडियो को मिले मिले-जुले रिएक्शन
मीनू डागर के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। कई यूजर्स उनकी सोच की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर सुनीता चाहर ने लिखा कि मीनू ने बहुत बड़ी बात कही है और अपने से पहले परिवार के बारे में सोचा है। वहीं, नरेंद्र सैनी नाम के यूजर ने भी उनकी सोच को अच्छा बताया।हालांकि, सभी यूजर्स इस विचार से सहमत नहीं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसी बातें वीडियो और रील में कहना आसान है, लेकिन असल जिंदगी में इन्हें अपनाना मुश्किल होता है।गौरतलब है कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे हल्के-फुल्के अंदाज में बनाया गया है। इसके बावजूद इसमें उठाया गया मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
क्या त्योहार मनाने के लिए महंगी शॉपिंग जरूरी है?
करवा चौथ कई महिलाओं के लिए आस्था, परंपरा और वैवाहिक रिश्ते से जुड़ा खास अवसर है। इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ सजने-संवरने और नई खरीदारी करने का चलन भी है। हालांकि, त्योहार की खुशी को महंगे कपड़ों और खरीदारी से जोड़ना जरूरी नहीं है।मीनू डागर का वीडियो इसी सोच पर सवाल उठाता है। उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के अनुसार खर्च करना और जरूरतों को प्राथमिकता देना एक अहम संदेश है। आखिरकार, त्योहार का असली उद्देश्य खुशियां बांटना है, न कि दिखावे के लिए अपनी जेब पर अतिरिक्त बोझ डालना।

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