सहावर थाना प्रभारी पर एफआईआर के आदेश, कोर्ट ने अवैध हिरासत और फर्जी अभिलेख बनाने पर जताई गंभीर टिप्पणी,
कासगंज : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कासगंज की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए थाना सहावर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश राज्य बनाम संजय यादव प्रकरण में पारित किया गया, जिसमें मूल रूप से संजय यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2), 352 एवं 351(3) के तहत कार्रवाई की गई थी। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों, सीसीटीवी फुटेज तथा पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया कि अभियुक्त संजय यादव को 28 अप्रैल 2026 से लगातार थाना सहावर में रखा गया था। सीसीटीवी फुटेज में उसे थाने के भीतर देखा गया तथा सुनवाई के दौरान थाना प्रभारी द्वारा भी मौखिक रूप से यह स्वीकार किया गया कि वह उक्त तिथि से थाने में मौजूद था।
कोर्ट ने कहा कि जिन धाराओं में संजय यादव के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी, उनमें सीधे गिरफ्तारी करना विधिसम्मत नहीं था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत पहले नोटिस जारी किया जाना आवश्यक था। बिना नोटिस गिरफ्तारी और हिरासत को अदालत ने कानून के विपरीत माना।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि 30 अप्रैल 2026 की जीडी संख्या-42 में यह दर्शाया गया कि संजय यादव थाने के बाहर उपद्रव कर रहा था, जबकि सीसीटीवी फुटेज में वह उसी समय थाना परिसर के अंदर मौजूद दिखाई दिया। पुलिस अधीक्षक, कासगंज द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में भी उक्त जीडी प्रविष्टि को झूठी एवं मनगढ़ंत बताया गया तथा अभियुक्त को दो दिन से अधिक समय तक अवैध रूप से रोके जाने की पुष्टि की गई। मामले में विभागीय जांच शुरू किए जाने की भी जानकारी दी गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह कृत्य अवैध निरुद्धीकरण, जालसाजी तथा फर्जी सरकारी अभिलेख तैयार करने की श्रेणी में आता है और इसे शासकीय कर्तव्य का हिस्सा नहीं माना जा सकता। इसलिए BNSS की धारा 175(4) के तहत उपलब्ध वैधानिक संरक्षण भी इस मामले में लागू नहीं होगा।
अंततः अदालत ने थाना सहावर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गोविंद बल्लभ के विरुद्ध बीएनएस की धारा 127(2), 336, 337 एवं 344 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक, कासगंज को आवश्यक अनुपालन हेतु प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्टर : मानपाल यादव
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