आस्था और श्रद्धा के संग महाशिवरात्रि की भव्य तैयारी,गूंजेगी हर दिशा हर-हर महादेव से
कटनी - विजयराघवगढ़ देवों के देव महादेव को समर्पित निलकंठेश्वर भक्ति धाम एक बार फिर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था श्रद्धा और भक्ति का महासंगम बनने जा रहा है। यह दिव्य धाम अब केवल एक मंदिर नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आस्था विश्वास और चमत्कारों का जीवंत केंद्र बन चुका है।इस पवित्र धाम में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश संकटमोचन हनुमान जी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम दरबार सहित 12 ज्योतिर्लिंग अलग अलग मंदिरों में विराजमान हैं जो भक्तों को संपूर्ण तीर्थ का अनुभव एक ही परिसर में प्रदान करते हैं।इस भव्य धार्मिक स्थल की स्थापना महान शिवभक्त मदनलाल ग्रोवर द्वारा कराई गई थी। आज भी उनकी पुण्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र बाबू ग्रोवर एवं रुद्राक्ष ग्रोवर समस्त धार्मिक आयोजनों का संपूर्ण व्यय व्यक्तिगत रूप से वहन कर रहे हैं। यह सेवा नहीं बल्कि भोलेनाथ के चरणों में समर्पण की जीवंत मिसाल है। धीरे धीरे यह धाम अपनी अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और चमत्कारिक अनुभूतियों के लिए दूर दूर तक प्रसिद्ध हो चुका है। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहाँ दर्शन हेतु पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण होने की अनुभूति करते हैं।महाशिवरात्रि की तैयारी के अंतर्गत सावन के प्रथम सोमवार से ही भगवान भोलेनाथ के दरबार में संगीतमय अखंड रामायण एवं सुंदरकांड पाठ प्रारंभ किया गया जो लगभग पांच महीनों तक निरंतर चलने के पश्चात महाशिवरात्रि के दिन पूर्णाहुति और महापूजन के साथ संपन्न होगा। महाशिवरात्रि के दिन यहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। हजारों लाखों भक्तों की उपस्थिति को देखते हुए ग्रोवर परिवार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था सेवा और सुविधाओं की उत्तम व्यवस्था की जाती है।
दो दिवसीय आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान भजन कीर्तन शिव महिमा गान आकर्षक झांकियां और भव्य शिव बारात मुख्य आकर्षण रहती है।पूजन उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें न केवल क्षेत्र बल्कि अन्य जिलों से आए श्रद्धालु भी प्रसाद ग्रहण करते हैं। धाम में दर्जनों विद्वान पंडित 24 घंटे भगवान की सेवा में निरंतर लगे रहते हैं।सलैया-पड़खुरी क्षेत्र में स्थित यह धाम अब जन-जन की आस्था का प्रतीक बन चुका है। स्थानीय महिलाएं और पुरुष प्रतिदिन यहां भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बनाए रखते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि निलकंठेश्वर धाम में मांगी गई सच्चे मन से हर मुराद पूरी होती है।आज यह धाम केवल पूजा स्थल नहीं बल्कि भक्त और भगवान के बीच अटूट प्रेम का जीवंत प्रमाण बन चुका है।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि ग्रोवर परिवार जितना भोलेनाथ को समर्पित है भोलेनाथ भी उतनी ही कृपा इस परिवार पर बनाए हुए हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जब हर दिशा से हर हर महादेव के जयघोष गूंजेंगे तब निलकंठेश्वर भक्ति धाम स्वयं कैलाश पर्वत का स्वरूप प्रतीत होगा।
रिपोर्टर - सुमित जायसवाल

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