'इंडिया' गठबंधन की लड़ाई लोकतंत्र और मतदाताओं को बचाने के लिए करो या मरो की जंग -केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि 'इंडिया' गठबंधन देश के मतदाताओं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए "करो या मरो" की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र में "अराजकता" फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य आम जनता के मतदान के अधिकारों की रक्षा करना है और वे इसके लिए किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतंत्र को नष्ट करने वाले वे लोग हैं जो सत्ता में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह लड़ाई देश के आम नागरिकों और मतदाताओं के हक के लिए है, और वे अपनी इस मांग से पीछे नहीं हटेंगे। चाहे सरकार और प्रशासन उनकी राह में कितनी भी बाधाएं खड़ी करें, विपक्षी दल लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।
इस बीच, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए पहले ही औपचारिक अनुरोध भेज दिया है। वेणुगोपाल ने बताया कि गठबंधन के शीर्ष नेताओं की ओर से राष्ट्रपति भवन को पहला पत्र 2 अक्टूबर को भेजा गया था, जिसके बाद राष्ट्रपति कार्यालय के निर्देश पर 5 अक्टूबर को नेताओं के नामों की सूची के साथ दोबारा पत्र सौंपा गया था। गठबंधन ने 7, 8 या 9 अक्टूबर की तारीखों में मुलाकात का समय मांगा है और वे शुक्रवार तक इसके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
इसी राजनीतिक हलचल के बीच, कांग्रेस और अन्य 'इंडिया' गठबंधन के सांसदों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन लंच मीटिंग की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन की अगली रणनीति पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक के बाद विपक्षी नेताओं के राजघाट जाने की भी संभावना है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी मुहिम को और तेज करने की तैयारी में है

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