जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पोषण माह 2026 एवं आईसीडीएस योजनाओं की समीक्षा

खगड़िया - विक्रम विरकर के निर्देशानुसार बुधवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के सफल क्रियान्वयन एवं एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अम्बुज कुमार, चंदन कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी-मध्याह्न भोजन योजना, जीविका तथा महिला एवं बाल विकास निगम के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सितंबर माह के दौरान आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने एवं इसे जनांदोलन का स्वरूप देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्धारित कैलेंडर के अनुसार प्रथम सप्ताह में पोषण पंचायतों के आयोजन के साथ गोद भराई एवं अन्नप्राशन दिवस का विशेष आयोजन, द्वितीय सप्ताह में गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में संदर्भित करने, तृतीय सप्ताह में ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ के तहत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों तथा सहजन (मुनगा) रोपण अभियान और चतुर्थ सप्ताह में किशोरावस्था स्वास्थ्य, एनीमिया मुक्त भारत अभियान एवं जीविका दीदियों के सहयोग से पोषण व्यंजन मेला आयोजित करने पर बल दिया गया।

समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत रियल-टाइम एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं पर्यवेक्षिकाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की दैनिक उपस्थिति, टेक होम राशन, वृद्धि निगरानी एवं गृह भ्रमण सहित सभी सेवाओं की नियमित एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। लापरवाही बरतने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए प्रथम एवं द्वितीय संतान के रूप में बालिका के जन्म पर गर्भवती एवं धात्री माताओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता के लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने तथा सभी योग्य लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत लंबित आवेदनों के शीघ्र सत्यापन एवं स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र बालिकाओं को प्रोत्साहन राशि का लाभ समय पर मिल सके।म बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत संरचना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था एवं बाल मैत्री (BALA) पेंटिंग की स्थिति की जानकारी ली गई। किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भवनों अथवा प्राथमिक विद्यालयों में स्थानांतरित करने तथा अधूरे भवन निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया गया।

राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी-मध्याह्न भोजन योजना, जीविका एवं महिला एवं बाल विकास निगम के प्रतिनिधियों को आईसीडीएस के साथ समन्वय स्थापित कर पोषण माह की गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया। जीविका के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों को कुपोषण उन्मूलन अभियान से जोड़ने तथा विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने पर भी बल दिया गया।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने कहा कि कुपोषण मुक्त जिला बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय पोषण माह को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखते हुए जन-अभियान के रूप में संचालित किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक घर तक सही पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का संदेश पहुंच सके। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं तत्परता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

रिपोर्टर - उमर खान

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