खगड़िया जिले में बाढ़ के उपरांत उत्पन्न परिस्थितियों का सघन जायजा लेने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से खगडिया जिलाधिकारी ने निरिक्षण किया।

खगड़िया - खगड़िया जिलाधिकारी विक्रम विरकर द्वारा गोगरी एवं परबत्ता प्रखंडों के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस महत्वपूर्ण दौरे में उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी गोगरी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य फोकस आमजनों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना, उनका फीडबैक लेना और त्वरित समाधान करना है। अपने भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत एवं सहनी टोला पहुंचे। यहां उन्होंने आमजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच जाकर उनसे सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों के विषय में जानकारी ली और उनकी वर्तमान जरूरतों को समझा। इसके उपरांत, जिलाधिकारी ने इठहरी, कटघरा और भुरिया क्षेत्रों का दौरा कर वहां जलजमाव की वर्तमान स्थिति और नदियों के जलस्तर का सूक्ष्म निरीक्षण किया। बाढ़ के कारण आवागमन को प्रभावित करने वाले क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और सड़कों की स्थिति का गहनता से आकलन करते हुए जिलाधिकारी  ने संबंधित पदाधिकारियों को अविलंब आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण कर यातायात सुचारू करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही, जिला कृषि पदाधिकारी को फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र एवं पंचायतवार सटीक आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रभावित किसानों को बिना किसी विलंब के उचित सरकारी सहायता प्रदान की जा सके।

इसके बाद जिलाधिकारी  ने परबत्ता प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर बावन कोठी, एवं अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। बाढ़ का पानी कम होने के बाद बाढ़ पश्चात की तैयारियों  की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने कड़े निर्देश दिए। संक्रामक बीमारियों के खतरे को टालने के लिए पूरे क्षेत्र में युद्ध स्तर पर जल निकासी के कार्य में तेजी लाने को कहा गया। साथ ही, सघन रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने और पेयजल की शुद्धता बनाए रखने हेतु चापाकलों एवं अन्य जल स्रोतों की जल गुणवत्ता जांच (Water Quality Testing) कराने का सख्त निर्देश लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) एवं स्वास्थ्य विभाग को दिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  का विशेष जोर,डूबने की घटनाओं से बचाव,पर रहा। उन्होंने इस विषय पर अधिकारियों और आमजनों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि जलस्तर कम होने के बावजूद कई जगहों पर पानी के नीचे गहरे गड्ढे बन जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए उन्होंने स्थानीय स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।  लोगों से अपील की कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी में जाने से बचें, बच्चों को नदियों व गड्ढों के पास बिल्कुल न जाने दें, और आवागमन के लिए केवल सुरक्षित नावों का ही उपयोग करें। प्रशासन द्वारा संभावित गहरे पानी वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां लाल झंडी या बैरिकेडिंग लगाने के भी सख्त निर्देश दिए गए। मछुआरों से भी विशेष रूप से मुलाकात की। उन्होंने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक तरीके से मछली उत्पादन को विकसित करने तथा मछुआरों की आजीविका को और अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के विषय पर उनके साथ सकारात्मक चर्चा की।

रिपोर्टर - उमर खान

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