ठेकेदार की छवि धूमिल करने की साजिश! मजदूर ने थाने में दिया झूठा आवेदन

खगरिया :  आपसी रंजिश और किसी की साख को बट्टा लगाने के लिए लोग किस हद तक जा सकते हैं, इसका एक ताजा मामला सामने आया है। जहां एक मजदूर ने महज ठेकेदार की छवि को धूमिल करने की नीयत से थाने में आवेदन दे दिया है। 

पूरा मामला परबत्ता थाना क्षेत्र का है, जहां एक मजदूर ने थाने पहुंचकर ठेकेदार के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। लेकिन सूत्रों और शुरुआती जानकारी की मानें तो, इस शिकायत के पीछे मजदूर की नीयत ठेकेदार की सामाजिक और व्यावसायिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।

बेलदौर प्रखंड के पौरा थाना क्षेत्र के कन्हौली निवासी निलेश यादव, द्वारा बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर मनमुटाव था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए मजदूर ने कानून का सहारा लेकर ठेकेदार पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप मढ़ने की कोशिश की है, ताकि उसकी साख को ठेस पहुंचाई जा सके। उक्त कंपनी के ठेकेदार नितेश यादव ने बताया की टावर में काम करने के वास्ते 7 लाख रुपया परबत्ता थाना क्षेत्र क़े रहने वाले संतोष कुमार नामक मजबूर को दिए हुए थे। जिसमें उक्त मजदूर के द्वारा काम अधूरा छोड़कर बिना बताए घर भाग आया साथ में और एक व्यक्ति को अपने साथ घर भगा लाया,  

इधर, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के दोनों पक्षों की जांच की जा रही है। अगर आरोप दुर्भावनापूर्ण और केवल छवि खराब करने के इरादे से लगाए गए पाए गए, तो झूठा आवेदन देने वाले के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
काम दिलाने के बहाने गुरुग्राम ले जाकर बंधक बनाने का आरोप।

इधर बीते रविवार को  मजदूर ने परबत्ता थाने में दिया आवेदन, चार साथियों के अब भी फंसे होने का दावा

परबत्ता थाना क्षेत्र के कबेला बलहा निवासी एक मजदूर ने काम दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, मारपीट और बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। ठेकेदार नीरज यादव के द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा भी परबत्ता थाना में आवेदन उक्त मजदूर के खिलाफ जल्द दिया जा रहा है। 

पीड़ित संतोष कुमार ने बताया कि बेलदौर प्रखंड के पौरा थाना क्षेत्र के कन्हौली निवासी निलेश यादव, जो स्वयं को काजल कंस्ट्रक्शन का प्रोपराइटर बताता है, उसे और उसके चार साथियों-सूरज कुमार, जगदीश

शाह, सुकड़ मंडल तथा गौरव कुमार को रोजगार दिलाने का झांसा देकर राजस्थान के रास्ते गुरुग्राम ले गया। आरोप है कि गुरुग्राम पहुंचने के बाद

मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। विरोध करने पर शराब के नशे में मारपीट की गई और विभिन्न बहाने बनाकर उनके परिजनों से रुपये भी मंगवाए गए। संतोष कुमार ने आवेदन के साथ रुपये के लेन-देन से जुड़े कुछ साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराने का दावा किया है। पीड़ित ने बताया कि वह किसी तरह आरोपित के चंगुल से निकलकर घर लौट आया, लेकिन उसके चारों साथी अभी भी गुरुग्राम में फंसे हुए हैं। उसने सभी मजदूरों की सुरक्षित वापसी और आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परबत्ता थाना पुलिस ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है।

रिपोर्टर  : रेशु रंजन

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