जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLCC/DLRC) की समीक्षा बैठक आयोजित

खगड़िया : खगड़िया जिलाधिकारी विक्रम वीरकर की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना, एमएसएमई, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा पशुपालन एवं संबद्ध क्षेत्र से संबंधित ऋण योजनाओं की बैंकवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने पाया कि एमएसएमई, कृषि, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा पशुपालन क्षेत्र में कई बैंकों की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा लंबित ऋण मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों एवं जिला मुख्यालय स्तर पर उद्योग मेला आयोजित किया जाए। साथ ही, संभावित उद्यमियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएँ तथा स्थानीय उद्यमियों को भी इन कार्यक्रमों से जोड़कर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बैंकिंग सेवाओं की सुलभता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने सभी बैंकों को बैंकवार लंबित एवं डिफॉल्टर ऋण खातों की सूची तैयार कर उसकी समीक्षा करने तथा वसूली एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। साथ ही, सभी विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय स्थापित कर वार्षिक ऋण योजना (Annual Credit Plan) के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। बिना उचित कारण किसी भी पात्र आवेदक का आवेदन लंबित नहीं रखा जाए तथा अस्वीकृत आवेदनों के संबंध में स्पष्ट एवं लिखित कारण उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवेदकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शाखा सरकारी प्रायोजित योजनाओं के लक्ष्य प्राप्ति के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए ऋण वितरण में तेजी लाए। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए पात्र लाभुकों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला उद्योग केंद्र, जीविका, कृषि, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर योजनाओं के लाभार्थियों को बैंक से जोड़ने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही प्रत्येक बैंक अपने लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों का Credit-Deposit (CD) Ratio अपेक्षाकृत कम है, वे ऋण वितरण में विशेष प्रयास करें तथा उत्पादक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल करें। उन्होंने Lead Bank को निर्देश दिया कि सभी बैंकों की प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार समन्वय स्थापित करें तथा अगली समीक्षा बैठक में सभी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित कराई जाए।
बैठक में बैंकिंग लोकपाल से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा आम नागरिकों को सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया गया।

रिपोर्टर : उमर खान

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