केसीजी जिले में सिंचाई विभाग के एक और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
खैरागढ़ : जिले के छुईखदान क्षेत्र के बैगिन बांध से ग्राम खुडमूड़ी-लझियाटोला तक चल रहे नहर लाइनिंग कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में नहर की मजबूती प्रभावित हो सकती है। हालांकि विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर आवश्यक सुधार कराया जाएगा। केसीजी जिले में सिंचाई विभाग के निर्माण कार्य पहले भी विवादों में रहे हैं। कई स्थानों पर नहरों में दरारें, टूट-फूट और बारिश के दौरान क्षति की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब छुईखदान विकासखंड के बैगिन बांध से खुडमूड़ी-लझियाटोला तक चल रहे नहर लाइनिंग कार्य पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां तकनीकी मानकों के अनुसार पहले मुरूम बिछाकर उसे अच्छी तरह दबाया जाना चाहिए, उसके बाद झिल्ली और फिर कंक्रीट की लाइनिंग की जानी चाहिए, वहां कई स्थानों पर सीधे स्थानीय मिट्टी पर ही निर्माण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी संदेह है। उनका आरोप है कि कंक्रीट मिश्रण में सीमेंट और गिट्टी का अनुपात पर्याप्त नहीं दिख रहा, जिससे निर्माण की मजबूती प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कार्य इसी प्रकार जारी रहा तो पहली या दूसरी बारिश में ही नहर को नुकसान पहुंच सकता है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि नहर मार्ग में आवश्यक नए फॉल (Fall Structure) का निर्माण नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में पानी के प्रवाह पर असर पड़ सकता है।
बाइट – स्थानीय ग्रामीण / किसान (यदि उपलब्ध हो)
इन आरोपों पर सिंचाई विभाग के संबंधित कर्मचारियों का कहना है कि यह पुराने निर्माण कार्य का मरम्मत एवं सुधार कार्य है। उनका कहना है कि जहां मिट्टी संबंधी शिकायत मिलेगी, वहां आवश्यकता अनुसार मुरूम डलवाया जाएगा। वहीं नए फॉल निर्माण के सवाल पर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि इसकी जानकारी स्वीकृत प्राक्कलन (Estimate) देखने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी मानकों के अनुसार कार्य नहीं कराया गया तो सरकारी राशि का नुकसान होने के साथ किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। अब देखना होगा कि विभाग इन शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है या नहीं।
आउट्रो फिलहाल निर्माण कार्य को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि इस मामले में विभाग या संबंधित ठेकेदार का विस्तृत पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
रिपोर्टर : रवि रजक
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