भाजपा एक ही रेल परियोजना का बार-बार स्वीकृति बताकर जनता को गुमराह करना बंद करे : रणजीत सिंह चंदेल
डोंगरगढ़ - खैरागढ़ छुईखदान गंडई-कवर्धा-पंडरिया-मुंगेली होते हुए कटघोरा तक प्रस्तावित 295 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना को लेकर प्रदेश किसान कांग्रेस छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह चंदेल ने भारतीय जनता पार्टी और राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों पुरानी रेल परियोजना को दोबारा नई स्वीकृति बताकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
रणजीत सिंह चंदेल ने कहा कि इस रेल परियोजना को वर्ष 2017 में रेल मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी थी तथा 6 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल,तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कवर्धा में इसका विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास भी किया गया था। ऐसे में अब उसी परियोजना को नई उपलब्धि बताकर प्रचारित करना जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।
उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2018 में ही परियोजना का शिलान्यास हो चुका था,तो पिछले आठ वर्षों में निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की कार्यशैली और इच्छाशक्ति की कमी के कारण परियोजना की लागत में भारी वृद्धि हुई,जिसका बोझ अंततः जनता पर पड़ेगा। चंदेल ने सांसद संतोष पांडे द्वारा परियोजना में देरी के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और रेल मंत्रालय भी उसी के अधीन है, इसलिए परियोजना में हुई देरी की जिम्मेदारी से भाजपा बच नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़,खैरागढ़,छुईखदान,गंडई,कवर्धा,पंडरिया और मुंगेली क्षेत्र के किसान,व्यापारी एवं आम नागरिक वर्षों से इस रेल लाइन का इंतजार कर रहे हैं। रेल परियोजना पूरी होने से क्षेत्र के आर्थिक,औद्योगिक और कृषि विकास को नई गति मिलेगी,लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे केवल राजनीतिक प्रचार का माध्यम बना दिया है। रणजीत सिंह चंदेल ने कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं और शिलान्यास नहीं, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य और रेल संचालन देखना चाहती है। उन्होंने सांसद एवं केंद्र सरकार से मांग की कि परियोजना को शीघ्र शुरू कर निर्धारित समय में पूरा किया जाए,ताकि क्षेत्र की जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
रिपोर्टर - रवि रजक
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