पिपरिया जलाशय में पूर्ण जल भराव, पर्यटकों के लिए विभाग ने किया चेतावनी जारी
खैरागढ- कार्यपालन अभियंता बीके मरकाम ने बताया है कि पिपरिया जलाशय में लगभग पूर्ण जल भराव हो चुका है। जलाशय में पानी का स्तर बढ़ने के मद्देनजर जल संसाधन विभाग ने पर्यटकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि सभी पर्यटक दुर्घटना-जन्य क्षेत्र में प्रवेश न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटना-जन्य क्षेत्र में आवश्यक सूचना एवं चेतावनी संबंधी सूचना पटल (Notice Board) भी लगाया गया है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि जलाशय क्षेत्र में निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।
लोगो की लपरवाही और फोटो सेल्फी बन सकता है खुद के लिए खतरा
ज्ञात हो कि आज के दौर में लोगो को खुद की फोटो सेल्फी लेने की होड़ इस कदर लगा है कि लोग अपने जान की भी परवाह नही करते और यही कारण है कि सेल्फी लेने के चक्कर मे अक्सर बड़े हादसे सामने आते है। जिला का सबसे बड़ा जल भराव वाला पिपरिया जलासाय का क्षेत्र अपनी खूबसूरती और नेचुरल वातावरण के लिए काफी प्रसिद्ध है और बरसात के दिनों में इस क्षेत्र में काफी संख्या में पर्यटक आते है। पिछले कई सालो से इस क्षेत्र में कई बड़े हादसे भी सामने आए है। इस सब को ध्यान में रखते हुवे दुघर्टना जघन्य क्षेत्र में सिचाई विभाग द्वारा सूचना बोर्ड लगा कर लोगो को सचेत करते हुवे सख्त चेतावनी भी दिया जा रहा ताकि कोई अनहोनी न हो और लोग किसी भी हादसे को ध्यान में रखते हुवे घूमे फिरे।
छुईखदान जल संसाधन संभाग में 95 सिंचाई योजनाएं निर्मित, 45 हजार से अधिक किसान हो रहे लाभान्वित
जल संसाधन संभाग छुईखदान के अंतर्गत 2 मध्यम एवं 93 लघु सिंचाई योजनाओं सहित कुल 95 योजनाएं निर्मित हैं। इन योजनाओं की कुल जलभराव क्षमता 101.55 मिलियन घन मीटर है। वहीं निर्मित योजनाओं से 39,405 हेक्टेयर की रूपांकित सिंचाई क्षमता के विरुद्ध 36,876 हेक्टेयर रकबे में खरीफ सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इन सिंचाई योजनाओं से क्षेत्र के 380 गांवों के करीब 45,675 कृषक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों को खरीफ फसल के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
रिपोर्टर - रवि रजक

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