स्थायी लोक अदालत की भूमिका एवं कार्यप्रणाली पर टोरपा प्रखंड में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन
खूंटी : माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राँची (झालसा) के निर्देशानुसार तथा रसिकेश कुमार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी के कुशल मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन, खूँटी के सक्रिय सहयोग से आज दिनांक 24.06.2026 को टोरपा प्रखंड सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से व्यवहार न्यायालय, खूँटी में कार्यरत स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) की भूमिका, क्षेत्राधिकार, कार्यप्रणाली एवं इसके माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं (Public Utility Services) से संबंधित प्री-लिटिगेशन (मुकदमा-पूर्व) विवादों के सुनवाई एवं निष्पादन पर केन्द्रित रहा।
कार्यक्रम के मंच पर टोरपा अंचल अधिकारी (Circle Officer, Torpa) ने स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष कौलेश्वर कुमार सिंह, सदस्या मधु कुमारी रजक, मुख्य एलएडीसी राजीव कमल एवं सहायक एलएडीसी निखिल मेहता के साथ आसन ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष महोदय द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि निम्नलिखित जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित निस्तारण स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया जाता है—
बैंकिंग सेवाएँ (Banking Services)
परिवहन सेवाएँ (Transport Services)
डाक, तार एवं दूरभाष सेवाएँ (Postal, Telegraph or Telephone Services)
विद्युत, प्रकाश एवं जलापूर्ति सेवाएँ (Supply of Power, Light or Water)
अस्पताल अथवा औषधालय में सार्वजनिक स्वच्छता एवं संरक्षण सेवाएँ (Public Conservancy or Sanitation Services in Hospitals/Dispensaries)
बीमा सेवाएँ (Insurance Services) इत्यादि।
उन्होंने ऋण (Loan) एवं बीमा (Insurance) से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया से उपस्थित जनसमूह को विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
इसके पश्चात स्थायी लोक अदालत की सदस्या श्रीमती मधु कुमारी रजक ने उपस्थित जनसमूह को वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली (Alternative Dispute Resolution) एवं विधिक सेवाओं के महत्व के संबंध में जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के क्रम में सहायक एलएडीसी निखिल मेहता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली एवं इसके विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही उन्होंने एलएडीसी प्रणाली (Legal Aid Defense Counsel System) के उद्देश्य एवं लाभों से अवगत कराया। उन्होंने पीड़ित प्रतिकर योजना (Victim Compensation Scheme) के संबंध में भी जानकारी देते हुए बताया कि अपराध के पीड़ित अथवा उनके आश्रित, निर्धारित पात्रता के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से प्रतिकर (मुआवजा) प्राप्त कर सकते हैं।
अंत में मुख्य एलएडीसी राजीव कमल महोदय ने सभी वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत विषयों का सार प्रस्तुत किया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निःशुल्क विधिक सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त की।
कार्यक्रम में टोरपा प्रखंड क्षेत्र से एक सौ (100) से अधिक स्थानीय ग्रामीणों, लाभुकों एवं विशेष रूप से बड़ी संख्या में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान आम जनमानस में जागरूकता प्रसार हेतु स्थायी लोक अदालत से संबंधित सूचनात्मक पम्फलेट भी उपस्थित जनसमूह के बीच वितरित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी आम जनता से अपील करता है कि वे जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण हेतु स्थायी लोक अदालत, खूँटी का लाभ अवश्य उठाएँ
कमलेश बेहरा
सिविल जज (वरीय खण्ड)-सह-सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी
रिपोर्टर : शहीद अंसारी
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