मानसिक रोग एवं दिव्यांगजनों के विधिक अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

खूंटी : माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), राँची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी के मार्गदर्शन में बुधवार को बाल गृह (CCI), सहयोग विलेज, हुटार में NALSA (मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्तियों तथा बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को विधिक सेवाएँ) योजना, 2024 (LSUM) विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में संस्थान में आवासित बच्चों, विशेष (दिव्यांग) बच्चों, उनके अभिभावकों, बाल गृह के कर्मियों, शिक्षक चित्तरंजन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी द्वारा प्रतिनियुक्त पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLVs) ने भाग लिया।
मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता (Chief LADC) राजीव कमल ने उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों को मानसिक रोग तथा बौद्धिक एवं शारीरिक दिव्यांगता से जुड़े कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 22 एवं 39A के अंतर्गत समानता, गरिमापूर्ण जीवन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गिरफ्तारी एवं निरोध के विरुद्ध संरक्षण तथा निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकारों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अनुसार मानसिक रोग से ग्रसित व्यक्ति एवं दिव्यांगजन बिना किसी आय-सीमा के निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता प्राप्त करने के हकदार हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) के महत्वपूर्ण प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान NALSA (LSUM) योजना, 2024 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि प्रत्येक मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, जिला अस्पताल एवं बाल गृह में मनो-न्याय विधिक सेवा क्लीनिक की स्थापना, पहचान से लेकर पुनर्वास तक विधिक सहायता, अवैध निरोध एवं अधिकारों के हनन के विरुद्ध सहायता, हितधारकों के लिए जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम तथा आधार कार्ड, UDID कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की व्यवस्था इस योजना का हिस्सा है, ताकि पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
इसके उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी के पैनल अधिवक्ता मदन मोहन राम ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने सहयोग विलेज को दिव्यांग बच्चों के विकास, देखभाल एवं पुनर्वास का प्रभावी केंद्र बताते हुए अभिभावकों एवं संस्थान के कर्मियों से उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों को बताया गया कि मानसिक रोग, बौद्धिक दिव्यांगता अथवा बाल कल्याण से संबंधित किसी भी प्रकार की विधिक सहायता, परामर्श या सहयोग के लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खूँटी के फ्रंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं अथवा NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर सकते हैं। प्राधिकरण की ओर से सभी जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं निरंतर सहयोग का आश्वासन भी दिया गया।

रिपोर्टर : शहीद अंसारी 

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