झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं का हुआ जीवंत प्रदर्शन
खूंटी : झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के तहत आज नगर भवन खूँटी में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग खूँटी द्वारा जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मो० जावेद हुसैन, पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग, नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी, उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम समेत अन्य पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्थानीय कलाकार एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। सभी अतिथियों को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
उपायुक्त समेत सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश ने स्वागत संबोधन देते हुए विश्व आदिवासी दिवस के महत्व एवं झारखंड आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा एक-एक कर मुंडारी, छऊ एवं पाइका नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तुतियों के माध्यम से जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण, आदिवासी संस्कृति, परंपरा तथा महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
उपायुक्त मो० जावेद हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण को साथ लेकर अपनी जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता है। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यहां के बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप शिक्षा, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि हॉकी, आर्चरी सहित विभिन्न खेलों में जिले के बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा को निखारना चाहिए। उन्होंने सभी से आदिवासी संस्कृति के दायरे को और व्यापक बनाने तथा छऊ, पाइका एवं मुंडारी जैसे पारंपरिक नृत्य एवं सांस्कृतिक विधाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प होना चाहिए कि खूंटी के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा से जिले और राज्य का नाम रोशन करें तथा आदिवासी समाज निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए महत्वपूर्ण एवं गौरव का दिन है। यह भगवान बिरसा मुंडा की धरती है और हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमें खूंटी में सेवा करने का अवसर मिला है। आज स्थानीय कलाकारों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में कार्य करता आया है। जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण के साथ प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त खूंटी बनाने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से संकल्प लेने की अपील की कि खूंटी को खुशहाल, अपराध मुक्त एवं नशा मुक्त बनाने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।
नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी ने कहा कि खूंटी भगवान बिरसा मुंडा की जन्म एवं कर्मभूमि है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष एवं योगदान को याद करते हुए जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा समेत अन्य महापुरुषों के प्रेरणादायी विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आदिवासी होने पर गर्व है। उन्होंने कविता के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा एवं गौरव के संबंध में कई महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी बातें रखीं।
जिला कल्याण पदाधिकारी ने विश्व आदिवासी दिवस एवं झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन की पृष्ठभूमि एवं इसके प्रारंभ होने के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि 9 अगस्त 1982 को जिनेवा में आदिवासी मुद्दों को लेकर प्रथम बैठक आयोजित हुई थी। उन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न उत्पादों एवं स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए। उपायुक्त मो० जावेद हुसैन एवं पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने अदिवा ज्वेलरी, अदिवा हैंडलूम, पलाश मार्ट, पलाश बेकरी एवं पलाश दीदी कैफे के स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉल पर प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों एवं सामग्रियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉल से खरीदारी भी की। साथ ही पदाधिकारियों ने स्थानीय आदिवासी व्यंजनों का लुत्फ उठाया और स्थानीय उत्पादों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार सामग्री को प्रोत्साहित किया।
उल्लेखनीय है कि झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के तहत जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं आवासीय विद्यालयों में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों एवं आमजनों को आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला एवं विरासत के प्रति जागरूक किया गया तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी
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