खनिज विधेयक के विरोध में कांग्रेस के तेवर तल्ख, 27 अगस्त से आंदोलन का ऐलान
खूंटी : केंद्र के MMDR संशोधन बिल पर झारखंड की सियासत गरमा गई है। दरअसल झारखंड सरकार ने 2026-27 के बजट में Mineral Bearing Land Cess से 14 हजार करोड़ के राजस्व का अनुमान लगाया है। और एक बड़ा तथ्य ये है कि ये 14 हजार करोड़ कोई मामूली रकम नहीं, ये राज्य के कुल 1.58 लाख करोड़ के बजट का लगभग साढ़े सात प्रतिशत है।
आरोप है कि नया बिल राज्यों को mineral rights और mineral bearing land पर सेस लगाने से रोकता है, जब तक केंद्र की शर्तें पूरी न हों। साथ ही पुराने बकाया को भी अमान्य किया जा रहा है।
कांग्रेस ने कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में राज्यों के हक में फैसला दिया तो ये संशोधन क्यों? जमीन हमारी, खनिज हमारा, बोझ हम उठाएं और फैसला दिल्ली करे, ये कैसा संघीय ढांचा?
विपक्ष का पंच है - MMDR बिल सिर्फ खनन का कानून नहीं, ये झारखंड की आर्थिक और संघीय स्वायत्तता का सवाल है।
खूंटी सांसद कालीचरण मुंडा ने खूंटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि केंद्र सरकार की खनिज नीति और प्रस्तावित खनिज विधेयक के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार की नीतियों से राज्य के खनिज संसाधनों और यहां के लोगों के हितों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कांग्रेस के अनुसार, इसी के विरोध में 27 अगस्त से राज्य के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। 7 सितंबर को लोकभवन के समक्ष तथा 9 सितंबर से 16 सितंबर तक प्रखंडों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों को राज्य के हितों के खिलाफ बाहर ले जाने का विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर खनिजों के परिवहन को रोकने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा तथा राज्य के लोगों के अधिकारों को लेकर किया जा रहा है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन के सभी चरणों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि झारखंड की खान और खनिज संपदा पर राज्य के लोगों का अधिकार नहीं होगा तो अलग राज्य के गठन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। यहां के जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए झारखंड आंदोलन हुआ था और इन खान खनिजों को ही लूटा जाएगा तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध राज्य के जनहित में किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा,सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मो. नईमुद्दीन खान, विल्सन बोदरा, विल्सन टोपनो समेत अन्य कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी
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