डीएलएसए खूंटी की ओर से बाल अधिकार एवं संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
खूंटी : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), खूंटी की ओर से सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, खूंटी में बाल अधिकार एवं संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। माननीय नालसा, दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए खूंटी रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।
यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक जिले के छह चिह्नित विद्यालयों में चलाया जाएगा। अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया जाएगा। साथ ही, संबंधित विद्यालयों में जागरूकता के लिए आईईसी (IEC) सामग्री का वितरण भी किया जाएगा।
अभियान के अगले चरण में नवंबर 2026 में चिह्नित विद्यालयों से दो-दो शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का चयन कर उन्हें बाल अधिकार एवं पॉक्सो एक्ट के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में बाल अधिकार, शिक्षा एवं पॉक्सो अधिनियम से संबंधित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। भविष्य में जिले के अन्य विद्यालयों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा, उनके साथ होने वाले अपराधों से बचाव तथा किसी भी समस्या की स्थिति में कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की बच्चों के लिए बाल-मित्र विधिक सेवाएं योजना, 2024 के बारे में भी बताया गया।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्राची मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों एवं कानून द्वारा दिए गए संरक्षण के प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है। जागरूकता के माध्यम से बच्चों को गलत परिस्थितियों की पहचान करने तथा जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, खूंटी अर्जुन साव ने पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक या संबंधित प्राधिकारी को देने के लिए प्रेरित किया।
न्यायिक दंडाधिकारी अमित आकाश सिन्हा ने कहा कि कानून बच्चों को सुरक्षा प्रदान करता है और प्रत्येक बच्चे को सम्मानपूर्वक तथा भयमुक्त वातावरण में रहने का अधिकार है। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए तथा किसी समस्या की स्थिति में उचित कानूनी सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
वहीं, पैनल अधिवक्ता मदन मोहन राम ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय समुदाय के बीच बाल अधिकारों, बाल संरक्षण तथा कानूनी सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बाल-मित्र वातावरण को प्रोत्साहित करना है।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी की ओर से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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